Auto Sector: असेंबली से आगे बढ़े कंपनियां, H.D. Kumaraswamy की R&D पर जोर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Auto Sector: असेंबली से आगे बढ़े कंपनियां, H.D. Kumaraswamy की R&D पर जोर

केंद्रीय मंत्री H.D. Kumaraswamy ने ऑटो कंपोनेंट सेक्टर से असेंबली आधारित काम छोड़कर हाई-एंड डिजाइन और स्वदेशी तकनीक पर फोकस करने को कहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में सेक्टर का टर्नओवर **₹7.6 लाख करोड़** रहा है।

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री H.D. Kumaraswamy ने भारतीय ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी रणनीति का संकेत दिया है। ACMA के 66वें वार्षिक सम्मेलन में उन्होंने साफ किया कि अब सफलता सिर्फ बिक्री के आंकड़ों से नहीं आंकी जाएगी, बल्कि कंपनियां कितनी अपनी तकनीक विकसित कर रही हैं, इस पर ध्यान देना होगा।

PLI स्कीम का दिखा असर

सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम इस बदलाव में बड़ी भूमिका निभा रही है। 30 जून 2026 तक, इस क्षेत्र की कंपनियों ने विस्तार के लिए ₹45,477 करोड़ का निवेश किया है, जिससे 67,000 नए रोजगार पैदा हुए हैं। वित्त वर्ष 2026 में इस सेक्टर का कुल टर्नओवर ₹7.6 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जिसमें एक्सपोर्ट का योगदान लगभग $24 बिलियन रहा है।

नई चुनौतियां और जोखिम

सरकार ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर स्कीम के लिए बजट में ₹1,000 करोड़ की और बढ़ोतरी की है, जिससे कुल फंड अब ₹11,900 करोड़ हो गया है। हालांकि, इस तकनीकी आधुनिकीकरण के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। डिजिटल टेक्नोलॉजी पर बढ़ती निर्भरता के कारण साइबर सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है। कंपनियों को भविष्य में डिजिटल हमलों से निपटने के लिए अपनी तैयारी मजबूत रखनी होगी।

निवेशकों के लिए काम की बात

निवेशकों को अब यह देखना चाहिए कि कौन सी कंपनियां विदेशी लाइसेंस के भरोसे रहने के बजाय अपनी खुद की टेक्नोलॉजी पर पैसा खर्च कर रही हैं। रॉ मटेरियल और टैलेंट के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, जो कंपनियां वैल्यू चेन में ऊपर बढ़ेंगी, वही लॉन्ग टर्म में बाजार में टिक पाएंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.