Kinetic Engineering अपनी इलेक्ट्रिक सब्सिडियरी Kinetic Watts & Volts में **₹40 करोड़** का निवेश कर रही है। यह राशि **₹57 करोड़** के राइट्स इश्यू का हिस्सा है, जिसका मकसद कंपनी के रेट्रो-स्टाइल स्कूटर को दोबारा बाजार में उतारना है।
रेट्रो लुक का दम
कंपनी अपनी पुरानी विरासत को इलेक्ट्रिक अवतार में वापस लाने की तैयारी में है। इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा 'Kinetic DX' मॉडल के प्रोडक्शन और अपने 60 से ज्यादा डीलरशिप नेटवर्क को मजबूत करने में खर्च किया जाएगा। कंपनी की कोशिश है कि वह उन 30 से 50 वर्ष के ग्राहकों को लुभाए जो रेट्रो-डिजाइन और फैमिली-यूटिलिटी की तलाश में हैं।
मुनाफे के लिए लंबी दौड़
कंपनी ने 2028 की तीसरी तिमाही तक EBITDA ब्रेक-ईवन तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, इसे हासिल करने के लिए Kinetic Watts & Volts को हर महीने लगभग 8,000 स्कूटर बेचने होंगे। फिलहाल, कंपनी की मंथली सेल्स 500 यूनिट्स के आसपास है, जिससे साफ है कि अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। इस रेस में TVS iQube और Bajaj Chetak जैसे स्थापित खिलाड़ी पहले से ही मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।
पैरेंट कंपनी का हाल
पैरेंट कंपनी Kinetic Engineering के सामने फिलहाल फाइनेंशियल दबाव है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी को ₹11.50 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, भले ही रेवेन्यू में 43% की बढ़त दर्ज की गई हो। अच्छी बात यह है कि EV सब्सिडियरी पर कोई बाहरी कर्ज (Debt) नहीं है, लेकिन निवेशकों की नजर पैरेंट कंपनी की बैलेंस शीट पर बनी हुई है।
