Kawasaki vs Suzuki: सुपरबाइक मार्केट में छिड़ी प्राइस वॉर, जानिए किसका दांव है भारी?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Kawasaki vs Suzuki: सुपरबाइक मार्केट में छिड़ी प्राइस वॉर, जानिए किसका दांव है भारी?

Kawasaki ने अपने Z1100 मॉडल की कीमत को **₹12.79 लाख** पर स्थिर रखा है ताकि मार्केट शेयर बना रहे, वहीं Suzuki ने अपनी Hayabusa की कीमत बढ़ाकर **₹18.99 लाख** कर दी है। **40%** GST और गिरती डिमांड के बीच दोनों कंपनियों की अलग-अलग रणनीतियां निवेशकों के लिए एक बड़ा अपडेट है।

भारत के सुपरबाइक मार्केट में इस समय 1,000cc से 1,600cc वाली स्पोर्ट्स बाइक्स बनाने वाली कंपनियों के बीच एक जबरदस्त घमासान चल रहा है। 40% GST के भारी-भरकम टैक्स स्ट्रक्चर के कारण कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है। अब सवाल यह है कि कंपनियां टैक्स का बोझ खुद उठाएं या ग्राहकों पर डालें?

Kawasaki की आक्रामक चाल

Kawasaki ने अपने Z1100 की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे ₹12.79 लाख पर ही रखा है। यह कंपनी की एक 'डिफेंसिव' स्ट्रेटेजी है ताकि वे Honda CB1000 Hornet SP जैसे प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दे सकें। कंपनी फिलहाल वॉल्यूम और मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

Suzuki का प्रीमियम दांव

दूसरी ओर, Suzuki Motorcycle India ने अपनी फ्लैगशिप बाइक Hayabusa के लिए 'प्रीमियम' रास्ता चुना है। हालांकि पिछले फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में कंपनी के थोक डिस्पैच में 32% की गिरावट आई थी, लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने कीमत बढ़ाकर ₹18.99 लाख कर दी है। इसके अलावा, एक स्पेशल एडिशन मॉडल भी लॉन्च किया गया है, जिसकी कीमत ₹19.90 लाख रखी गई है। कंपनी को भरोसा है कि उनके वफादार ग्राहक इन परफॉर्मेंस अपग्रेड्स के लिए ज्यादा पैसे देने को तैयार रहेंगे।

कस्टम्स ड्यूटी और ऑपरेशन्स का असर

सरकार ने 1,600cc तक की बाइक्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 50% से घटाकर 40% जरूर की है, लेकिन GST का असर इतना ज्यादा है कि इसका फायदा ग्राहकों तक सीमित है। Suzuki जैसे ब्रांड, जो गुरुग्राम में लोकल असेंबली करते हैं, उनका कॉस्ट स्ट्रक्चर उन कंपनियों से काफी अलग है जो पूरी तरह से इम्पोर्टेड (CBU) बाइक्स बेचती हैं।

निवेशकों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या Kawasaki का वॉल्यूम-फोकस्ड मॉडल लंबे समय तक टिक पाएगा, या फिर Suzuki की प्रीमियम स्ट्रेटेजी बाजार के इस कठिन दौर में ज्यादा टिकाऊ साबित होगी। आने वाले क्वार्टर्स में सेल्स वॉल्यूम और प्रॉफिट मार्जिन पर नजर रखना सबसे जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.