ऑटो मार्केट में बड़ा बदलाव, इन कंपनियों को मिलेगा फायदा
भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। ग्राहकों का झुकाव अब एंट्री-लेवल गाड़ियों से हटकर प्रीमियम सेगमेंट, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) और स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स (SUVs) की तरफ बढ़ रहा है। इस बदलते ट्रेंड का फायदा उन कंपनियों को मिल रहा है जो इन सेगमेंट्स में मजबूत पकड़ रखती हैं। इसी को देखते हुए, Jefferies ने TVS Motor, Eicher Motors और M&M जैसी दिग्गज कंपनियों पर 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है।
क्यों Jefferies का इन ऑटो कंपनियों पर भरोसा?
Jefferies का इन तीन कंपनियों पर भरोसा इस बात पर टिका है कि वे भारतीय ऑटो सेक्टर में हो रहे स्ट्रक्चरल बदलावों (structural changes) को बखूबी मैनेज कर सकती हैं और लीड कर सकती हैं। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ये कंपनियां मौजूदा डिमांड ट्रेंड्स के साथ पूरी तरह मेल खाती हैं, खासकर एंट्री-लेवल व्हीकल्स से हटकर हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ता रुझान। इस स्ट्रैटेजिक अलाइनमेंट से इन कंपनियों के मार्केट शेयर और प्रॉफिट में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, TVS Motor का P/E रेश्यो 64.5 है, Eicher Motors का 36.10 है, और Mahindra & Mahindra का 22.91 है। हालांकि कुछ वैल्यूएशन (valuations) ऊंचे लग सकते हैं, Jefferies का मानना है कि ये मल्टीपल्स (multiples) मजबूत ग्रोथ दिखा रही कंपनियों के लिए जायज हैं।
SUV का दबदबा और EV की बढ़ती रफ्तार
भारतीय ऑटो इंडस्ट्री में एक गहरा बदलाव आ रहा है। पैसेंजर व्हीकल्स (PVs) सेगमेंट में, FY26 में SUVs की कुल बिक्री में करीब 67% हिस्सेदारी रही, जो FY25 में 65% थी। इस उछाल का सीधा फायदा Mahindra & Mahindra को मिला है, जिसने FY26 में अपना PV मार्केट शेयर 6% (FY21) से बढ़ाकर 14% कर लिया है, अपनी दमदार Scorpio और Thar जैसी SUV रेंज के दम पर। दूसरी ओर, Maruti Suzuki जैसी कंपनियां भले ही वॉल्यूम में लीड कर रही हों, लेकिन SUV की बढ़ती मांग के चलते FY26 में उनका मार्केट शेयर 13 साल के निचले स्तर 39.26% पर आ गया है।
टू-व्हीलर (2W) मार्केट में, EVs का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है और FY26 तक यह 6.5% तक पहुंच गया है। TVS Motor इस सेगमेंट में 24% शेयर के साथ लीड कर रही है। TVS Motor का डोमेस्टिक 2W मार्केट शेयर FY26 में 22 साल के उच्च स्तर 19% पर पहुंच गया। Eicher Motors अपनी Royal Enfield ब्रांड के जरिए प्रीमियम मोटरसाइकिल (125cc और उससे ऊपर) मार्केट में 31% शेयर के साथ लीड कर रही है, क्योंकि ग्राहक बेसिक बाइक्स से ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं। कुल 2W इंडस्ट्री में FY26 में 21.4 मिलियन यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई, जिसमें साल-दर-साल (YoY) 13.4% की ग्रोथ देखी गई। ट्रैक्टर सेगमेंट में भी ग्रामीण आर्थिक स्वास्थ्य और सरकारी समर्थन के चलते FY26 में 1 मिलियन यूनिट्स का आंकड़ा पार करते हुए 18.94% YoY की वृद्धि दर्ज की गई। Mahindra & Mahindra, अपने Mahindra और Swaraj ब्रांड्स के साथ, ट्रैक्टर मार्केट में 42.57% के शेयर के साथ लीड कर रही है।
अप्रैल 2025 में, TVS Motor की बिक्री में 16% YoY की ग्रोथ देखी गई, जिसमें EV बिक्री में 59% और एक्सपोर्ट में 45% की जोरदार बढ़ोतरी हुई। Eicher Motors की बिक्री में अप्रैल 2025 में 6% YoY की ग्रोथ रही, जो एक्सपोर्ट में 55% की बढ़ोतरी और प्रीमियम मोटरसाइकिलों में 36% ग्रोथ से प्रेरित थी। Mahindra & Mahindra की PV बिक्री FY26 में 22.2% बढ़ी, जबकि ट्रैक्टर सेगमेंट में 24% का इजाफा हुआ। पूरे ऑटो सेक्टर में FY26-28 के बीच 6-8% (CAGR) की सालाना ग्रोथ का अनुमान है।
संभावित जोखिम और वैल्यूएशन
हालांकि, कुछ जोखिमों और प्रतिस्पर्धी दबावों पर भी ध्यान देना जरूरी है। MarketsMojo के अनुसार, Eicher Motors का वैल्यूएशन 'बहुत महंगा' है। TVS Motor (64.5) और M&M (22.91) के ऊंचे P/E रेश्यो बताते हैं कि अपेक्षित ग्रोथ पहले से ही शेयर की कीमतों में शामिल है। Maruti Suzuki जैसी कंपनियां, जो वॉल्यूम में लीड करती हैं, अभी भी बड़ी मार्केट प्रेजेंस रखती हैं, और Tata Motors इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और EV दोनों सेगमेंट में मजबूत दावेदार है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट, हालांकि बढ़ रहा है, बहुत डायनामिक है; Ola Electric ने FY26 में बिक्री में भारी गिरावट देखी है, जो स्केल करने और मार्केट शिफ्ट्स की चुनौतियों को दर्शाता है। सख्त एमिशन नियम Mahindra & Mahindra जैसी कंपनियों के लिए चुनौती पेश कर सकते हैं। इसके अलावा, Eicher के लिए प्रीमियम बाइक्स या M&M के लिए SUVs जैसे विशिष्ट सेगमेंट पर ज्यादा निर्भरता से जोखिम बढ़ सकता है, अगर उन क्षेत्रों में मांग धीमी हो जाती है या प्रतिस्पर्धा बढ़ जाती है।
भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदें
Jefferies का अनुमान है कि भारतीय ऑटो सेक्टर FY28 तक सालाना 6-8% (CAGR) की दर से बढ़ेगा। सेक्टर की भविष्य की ग्रोथ प्रीमियम के बढ़ते रुझान, EV के बढ़ते इस्तेमाल और SUV की लगातार मांग से प्रेरित होगी। एनालिस्ट्स पैसेंजर व्हीकल्स में स्थिर ग्रोथ की उम्मीद करते हैं, जिसमें यूटिलिटी व्हीकल्स बेहतर प्रदर्शन करेंगे। टू-व्हीलर की गति मिश्रित है, जिसमें मिड-टियर सेगमेंट में वापसी देखी जा रही है, जबकि एंट्री-लेवल मॉडल प्राइस प्रेशर का सामना कर रहे हैं। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में और ग्रोथ की उम्मीद है, बशर्ते सप्लाई की चुनौतियां दूर हो जाएं।
