Jammu & Kashmir EV Policy 2026: ई-वाहनों के लिए बड़ा ऐलान, 2032 तक **1.4 लाख** गाड़ियों का लक्ष्य

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Jammu & Kashmir EV Policy 2026: ई-वाहनों के लिए बड़ा ऐलान, 2032 तक **1.4 लाख** गाड़ियों का लक्ष्य

जम्मू-कश्मीर सरकार ने अपनी नई Electric Vehicle Policy 2026 का आगाज कर दिया है। सरकार का लक्ष्य 2032 तक प्रदेश में **1.4 लाख** इलेक्ट्रिक वाहनों को सड़क पर उतारना है। इसके लिए भारी सब्सिडी और **900** नए चार्जिंग पॉइंट लगाने की तैयारी है।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने क्लीन ट्रांसपोर्टेशन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए Electric Vehicle Policy 2026 को नोटिफाई कर दिया है। पहाड़ी इलाकों की चुनौतियों को देखते हुए इस पॉलिसी में खास जोर दिया गया है।

खराब मौसम में कैसे चलेंगे वाहन?

इस पॉलिसी का मुख्य आकर्षण Specialized Winter Validation Protocol है। अत्यधिक ठंड में बैटरी की परफॉर्मेंस और चार्जिंग क्षमता पर असर पड़ता है। सरकार ने अब अनिवार्य कर दिया है कि वाहनों को इन कठिन परिस्थितियों के लिए टेस्ट किया जाए। निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि केवल एडवांस बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) वाली कंपनियां ही इस मार्केट में टिक पाएंगी।

सब्सिडी और इंफ्रास्ट्रक्चर का जाल

ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है:

  • ई-बसों पर: ₹15 लाख तक की सब्सिडी।
  • पर्सनल कार: ₹1 लाख की छूट।
  • टू-व्हीलर्स: ₹5,000 का सपोर्ट।
  • लोन सुविधा: 3% से 5% तक का इंटरेस्ट सबवेंशन (ब्याज में छूट), जो 3 साल तक मिलेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर 900 पब्लिक चार्जिंग साइट्स बनाई जाएंगी, जिनमें 140 फास्ट-चार्जिंग हब शामिल हैं। साथ ही, अब कमर्शियल बिल्डिंग्स की 20% पार्किंग जगह ई-चार्जिंग के लिए रिजर्व रखना जरूरी होगा।

क्या हैं चुनौतियां?

वर्तमान में इलाके में ई-वाहनों की पेनिट्रेशन केवल 0.4% है। सरकार ₹50 करोड़ का एनुअल स्क्रेपेज प्रोग्राम भी चलाएगी ताकि पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाया जा सके। हालांकि, ऊंचे पहाड़ों पर पावर ग्रिड बिछाना और खराब मौसम में चार्जिंग नेटवर्क को चालू रखना एक बड़ी चुनौती होगी, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.