मुनाफे में आई **69%** की बड़ी गिरावट और बढ़ते ट्रेड प्रेशर को झेल रही Jaguar Land Rover ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी अब अपनी लागत कम करने के लिए यूके (UK) में **4,000** कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है।
भारी संकट में कंपनी
टाटा मोटर्स के मालिकाना हक वाली Jaguar Land Rover (JLR) ने एक बड़ा रीस्ट्रक्चरिंग प्रोग्राम शुरू किया है। कंपनी अगले 2 सालों में यूके में अपने वर्कफोर्स में से 4,000 लोगों को कम करेगी। इस कदम का मुख्य लक्ष्य £1.7 बिलियन की बचत करना और कंपनी के ब्रेक-ईवन पॉइंट को 3,00,000 यूनिट्स सालाना पर लाना है, ताकि मांग में उतार-चढ़ाव का असर बिजनेस पर कम हो।
खराब नतीजों की मार
जून तिमाही में कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। जेएलआर (JLR) का रेवेन्यू 9.6% घटकर £6 बिलियन पर आ गया है, जबकि प्री-टैक्स प्रॉफिट 68.9% लुढ़ककर सिर्फ £109 मिलियन रह गया है। इसके अलावा, कंपनी का एडजस्टेड EBIT मार्जिन भी पिछले साल के 4% से गिरकर 2.8% रह गया है।
ग्लोबल चुनौतियां
कंपनी के सामने दो बड़ी समस्याएं हैं। पहली, नॉर्थ अमेरिका, जहां जेएलआर की कुल सेल का 29% हिस्सा आता है, वहां यूके से आयातित गाड़ियों पर 10% का टैरिफ लगाया गया है। दूसरी ओर, चीन की सस्ती इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियां ग्लोबल मार्केट में कड़ी टक्कर दे रही हैं।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी बिना अपनी ब्रांड वैल्यू या प्रोडक्शन क्वालिटी से समझौता किए अपनी लागत को कम कर पाती है या नहीं। आने वाले समय में डिमांड में सुधार और कंपनी का कॉस्ट-कटिंग प्लान ही इसके शेयर की दिशा तय करेगा।
