JSW MG Motor India ने सरकार से रेंज एक्सटेंडर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (REEV) पर मौजूदा **40%** GST को घटाकर **5%** करने की अपील की है, ताकि इन्हें सामान्य इलेक्ट्रिक गाड़ियों के बराबर लाया जा सके।
टैक्स स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की तैयारी
JSW MG Motor India हाइब्रिड और रेंज-एक्सटेंडर सेगमेंट में टैक्स नियमों को बदलने के लिए सरकार से बातचीत कर रही है। कंपनी का तर्क है कि फिलहाल इन गाड़ियों पर 40% GST लगता है, जो इन्हें सामान्य बैटरी इलेक्ट्रिक गाड़ियों (जो सिर्फ 5% टैक्स के दायरे में हैं) के मुकाबले काफी महंगा बना देता है। कंपनी का मानना है कि यदि यह टैक्स रेट कम होता है, तो चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी वाले इलाकों में भी ग्राहक बेझिझक इलेक्ट्रिक गाड़ियां अपना सकेंगे।
REEV टेक्नोलॉजी क्यों है अलग?
REEV का कॉन्सेप्ट पारंपरिक हाइब्रिड गाड़ियों से बिल्कुल अलग है। इसमें इंजन पहियों को सीधे नहीं चलाता, बल्कि एक छोटे जनरेटर के तौर पर काम करता है जो गाड़ी की बैटरी को चार्ज रखता है। इससे लंबी दूरी की यात्रा में 'रेंज एंग्जायटी' (बैटरी खत्म होने का डर) पूरी तरह खत्म हो जाती है।
आक्रामक विस्तार और बिक्री के आंकड़े
कंपनी ने अगस्त 2026 में अपना नया मॉडल 'MG Hector Tomahawk' लॉन्च किया है, जो 'ADAPT' मल्टी-NEV प्लेटफॉर्म पर आधारित है। कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को भी तेजी से बढ़ा रही है और जनवरी 2028 तक इसे 2,20,000 यूनिट्स तक ले जाने का लक्ष्य है, साथ ही साल 2027 तक 70% लोकलाइजेशन का टारगेट रखा गया है।
ऑपरेशनल मोर्चे पर, कंपनी की रफ्तार अच्छी है। अगस्त 2026 में कुल होलसेल बिक्री 7,508 यूनिट्स रही, जो पिछले साल के मुकाबले 14% ज्यादा है। हालांकि, भविष्य इस बात पर टिका है कि सरकार हाइब्रिड और एक्सटेंडर टेक्नोलॉजी के लिए क्या नया फैसला लेती है। अगर 40% का टैक्स स्लैब बरकरार रहा, तो यह कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन और मास-मार्केट एडॉप्शन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
