JSW Group: इलेक्ट्रिक ट्रक और बस मार्केट में धमाकेदार एंट्री, ₹2,000 करोड़ का बड़ा निवेश

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
JSW Group: इलेक्ट्रिक ट्रक और बस मार्केट में धमाकेदार एंट्री, ₹2,000 करोड़ का बड़ा निवेश

JSW Group ने अब इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल सेक्टर में कदम रख दिया है। कंपनी छत्रपति संभाजीनगर में **₹2,000 करोड़** का निवेश कर अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी, जिसका लक्ष्य **2030** तक सालाना **1,00,000** इलेक्ट्रिक ट्रक और बसें तैयार करना है।

प्लांट और मैन्युफैक्चरिंग का प्लान

इस नए प्रोजेक्ट को JSW की सब्सिडियरी JSW Greentech संभालेगी। इसके लिए 90 एकड़ में फैली एक आधुनिक फैसिलिटी तैयार की जाएगी। फिलहाल कंपनी की शुरुआती क्षमता 15,000 यूनिट्स रखने की है, जिसे आगे बढ़ाकर 1,00,000 यूनिट्स तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है।

अपनी ही डिमांड का सहारा

इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में उतरते ही JSW Group ने एक स्मार्ट गेम प्लान तैयार किया है। कंपनी अपनी ही लॉजिस्टिक्स जरूरतों का इस्तेमाल करेगी। JSW के पास फिलहाल स्टील, सीमेंट और पोर्ट्स ऑपरेशंस के लिए करीब 17,000 ट्रकों का बड़ा बेड़ा (fleet) है। कंपनी इन पुराने ट्रकों की जगह इलेक्ट्रिक ट्रकों को शामिल करेगी, जिससे शुरुआती दौर में ही उसे एक बड़ी और पक्की डिमांड मिल जाएगी।

लागत और चुनौतियां

कमर्शियल व्हीकल्स के सेक्टर में कॉम्पिटिशन कड़ा है और मुकाबला Tata Motors और Ashok Leyland जैसे दिग्गजों से है। इलेक्ट्रिक ट्रकों की कीमत अभी भी काफी ज्यादा है—जहां एक डीजल ट्रक करीब ₹25 लाख में आता है, वहीं इलेक्ट्रिक ट्रक की कीमत ₹85 लाख से ₹88 लाख तक हो सकती है। हालांकि, JSW का दावा है कि मेंटेनेंस और फ्यूल में बचत के चलते ऑपरेशनल खर्च 15% से 20% तक कम हो जाएगा।

तकनीक और निवेश की बारीकियां

यह प्रोजेक्ट सिर्फ असेंबली तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी सेल-टू-बैटरी-पैक मैन्युफैक्चरिंग पर भी फोकस कर रही है। निवेशकों के लिए कंपनी की निर्माण समयसीमा और प्लांट के कमिशनिंग पर नजर रखना जरूरी होगा। क्या कंपनी पारंपरिक डीजल दिग्गजों के सामने लागत को नियंत्रित रख पाएगी, यही इसकी लॉन्ग-टर्म सफलता की असली कुंजी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.