JSW Group ने कमर्शियल इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार में कदम रख दिया है। कंपनी ने अपने नए ब्रांड AMPSTAR के जरिए महाराष्ट्र में ₹2,500 करोड़ का प्लांट लगाया है और साल 2030 तक 1 लाख इलेक्ट्रिक ट्रकों और बसों की बिक्री का लक्ष्य रखा है।
महाराष्ट्र में रखा बड़ा कदम
JSW Group की सब्सिडियरी JSW Greentech ने कमर्शियल व्हीकल सेक्टर में एंट्री करते हुए अपने नए ब्रांड AMPSTAR को लॉन्च किया है। कंपनी ने छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया है, जिसमें ₹2,500 करोड़ का भारी निवेश किया गया है। वर्तमान में इस प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 15,000 यूनिट्स है, जिसे कंपनी 2030 तक बढ़ाकर 1,00,000 यूनिट्स करने की योजना बना रही है।
मार्केट का बढ़ता क्रेज
भारत में कमर्शियल इलेक्ट्रिक व्हीकल की मांग तेजी से बढ़ रही है। अगस्त 2026 तक इनकी मार्केट पेनेट्रेशन बढ़कर 5.2% हो गई है, जो पिछले साल मात्र 2.1% थी। हालांकि, फिलहाल इस मार्केट में Tata Motors, Mahindra & Mahindra और Ashok Leyland का दबदबा है, जिनकी कुल हिस्सेदारी 78% से भी ज्यादा है। इन दिग्गज कंपनियों के पास अपना बहुत बड़ा सर्विस और डीलर नेटवर्क है, जो किसी भी नए खिलाड़ी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
JSW की खास रणनीति: 'कैप्टिव डिमांड' का फायदा
JSW Greentech बाकी कंपनियों से अलग हटकर काम करना चाहती है। कंपनी का फोकस B2B मॉडल पर रहेगा, जहां वे JSW ग्रुप के अपने स्टील, सीमेंट और एनर्जी बिजनेस की लॉजिस्टिक्स जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने ही वाहनों का इस्तेमाल करेंगे। इस 'कैप्टिव डिमांड' के जरिए कंपनी बड़े पैमाने पर अपने वाहनों की टेस्टिंग और स्केलिंग कर पाएगी। साथ ही, कंपनी अपनी सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक आर्किटेक्चर को इन-हाउस कंट्रोल करने पर जोर दे रही है ताकि बाहरी सप्लायर्स पर निर्भरता कम रहे।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी कितनी तेजी से अपनी प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाती है और सर्विस नेटवर्क तैयार करती है। नई कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती पुरानी कंपनियों के मजबूत सेल्स नेटवर्क का मुकाबला करना होगा। आने वाली तिमाहियों में AMPSTAR ब्रांड का प्रदर्शन और संभाजीनगर प्लांट की रफ्तार ही कंपनी की सफलता तय करेगी।
