JSW Group ने Skoda Auto Volkswagen India में हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक बड़ी शर्त रख दी है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि **$1.4 अरब** के टैक्स विवाद की पूरी जिम्मेदारी Volkswagen को ही लेनी होगी, वरना डील आगे बढ़ना मुश्किल है।
विवाद की जड़ क्या है?
साज्जन जिंदल के नेतृत्व वाली JSW Group और Volkswagen AG के बीच चल रही रणनीतिक साझेदारी अब एक बड़े कानूनी पेंच में फंस गई है। यह पूरा मामला 2012 से 2024 के बीच आयात किए गए व्हीकल असेंबली किट्स के वैल्यूएशन से जुड़ा है। भारतीय अधिकारियों का आरोप है कि टैक्स बचाने के लिए इन किट्स की कीमत कम दिखाई गई थी, जिसे लेकर मामला मुंबई कोर्ट में चल रहा है।
क्यों पीछे हट रही है JSW?
JSW Group के लिए $1.4 अरब (लगभग ₹11,700 करोड़) का यह टैक्स बोझ एक बड़ा वित्तीय जोखिम है। कंपनी का मानना है कि इस अनसुलझी देनदारी को अपने सिर लेना व्यापारिक रूप से घाटे का सौदा होगा। यही वजह है कि JSW ने अपनी निवेश की शर्तों में इसे 'Non-Negotiable' रखा है।
डील का भविष्य क्या है?
यह साझेदारी Volkswagen के लिए भारत में अपनी पैठ मजबूत करने का एक बड़ा जरिया थी। कंपनी पिछले दो दशकों से भारतीय बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। अब इस गतिरोध ने Skoda की लीडरशिप में आए बदलाव के बीच अनिश्चितता और बढ़ा दी है।
निवेशक अब यह देख रहे हैं कि क्या Volkswagen इस भारी भरकम टैक्स बिल को चुकाने के लिए तैयार होगी या फिर यह प्रस्तावित पार्टनरशिप खटाई में पड़ जाएगी। इस डील का आगे बढ़ना पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों कंपनियां टैक्स विवाद के निपटारे पर किस नतीजे पर पहुंचती हैं।
