JM Frictech का नया दांव! चंडीगढ़ में ₹35 करोड़ का प्लांट, रेवेन्यू में **20%** उछाल का लक्ष्य

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
JM Frictech का नया दांव! चंडीगढ़ में ₹35 करोड़ का प्लांट, रेवेन्यू में **20%** उछाल का लक्ष्य

ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी JM Frictech India ने वित्तीय वर्ष 2027 तक अपने रेवेन्यू में **20%** की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा है। ट्रैक्टर इंडस्ट्री से लगातार मिल रही डिमांड इस ग्रोथ का मुख्य सहारा है। कंपनी चंडीगढ़ में **₹35 करोड़** का नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा रही है, जो मार्च 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।

Detailed Coverage

रेवेन्यू ग्रोथ का नया प्लान

JM Frictech India ने अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी का ऐलान किया है, जिसके तहत कंपनी वित्तीय वर्ष 2027 तक अपने रेवेन्यू में 20% का इजाफा करना चाहती है। कंपनी के बिजनेस का एक बड़ा हिस्सा ट्रैक्टर सेक्टर से आता है, जहां से लगातार डिमांड बनी हुई है। पिछले वित्तीय वर्ष 2026 में, कंपनी ने कुल ₹520 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था।

मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार

इस ग्रोथ प्लान को सपोर्ट करने के लिए, JM Frictech ₹35 करोड़ का निवेश करके चंडीगढ़ में एक नया ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित कर रही है। यह प्लांट मार्च 2027 तक चालू हो जाएगा। यह नई यूनिट मुख्य रूप से ब्रेकिंग सिस्टम (Braking Systems) का प्रोडक्शन करेगी, जिससे उत्तरी और पश्चिमी भारत के कस्टमर्स को बेहतर सर्विस मिल सकेगी। यह नया प्रोजेक्ट कंपनी के चेन्नई के पास पहले से चल रहे तीन मैन्युफैक्चरिंग साइट्स पर लगभग ₹200 करोड़ के मौजूदा निवेश में इजाफा करेगा।

वेट फ्रिक्शन टेक्नोलॉजी पर फोकस

JM Frictech की शुरुआत साल 2008 में NTC Engineering और साउथ कोरिया की Jinmyung Frictech के ज्वाइंट वेंचर के तौर पर हुई थी। यह कंपनी ऑफ-हाईवे वाहनों (Off-highway Vehicles) जैसे ट्रैक्टर और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट्स के लिए वेट फ्रिक्शन सिस्टम (Wet Friction Systems) और हाइड्रोलिक पार्ट्स (Hydraulic Parts) बनाने में माहिर है। कंपनी के अनुसार, ऑफ-हाईवे मशीनरी से 75% रेवेन्यू आता है, जबकि कंस्ट्रक्शन, माइनिंग और ट्रांसमिशन सेगमेंट से 21% और डायरेक्ट एक्सपोर्ट से 4% रेवेन्यू जनरेट होता है।

प्रोडक्ट्स की बात करें तो, ब्रेक्स कंपनी के लिए सबसे बड़े रेवेन्यू का जरिया हैं, जिनसे लगभग 80% सेल्स आती है। क्लच (Clutches) और हाइड्रोलिक कंपोनेंट्स (Hydraulic Components) से क्रमशः 17% और 3% रेवेन्यू मिलता है। मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी का भारत में वेट ब्रेक असेंबली सेगमेंट में 75% से अधिक का मार्केट शेयर है। ऐसा इसलिए भी संभव हुआ है क्योंकि इंडस्ट्री में पुराने ड्राई-फ्रिक्शन टेक्नोलॉजी से हटकर वेट-फ्रिक्शन टेक्नोलॉजी की ओर झुकाव बढ़ा है।

निवेशकों के लिए खास बातें

JM Frictech के क्लाइंट्स में Mahindra, TAFE, John Deere और Tata Motors जैसे बड़े OEM शामिल हैं। अब यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपनी कैपेसिटी एक्सपेंशन (Capacity Expansion) की योजना को कितनी प्रभावी ढंग से लागू कर पाती है। किसी भी मैन्युफैक्चरिंग फर्म की तरह, इसका फाइनेंशियल परफॉरमेंस ट्रैक्टर और कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्रीज से मिलने वाली डिमांड पर निर्भर करेगा। साथ ही, कंपनी टेक्नोलॉजी को काफी हद तक लोकलाइज (Localize) कर चुकी है, लेकिन यह अभी भी एक ज्वाइंट वेंचर स्ट्रक्चर का हिस्सा है, जिसका मतलब है कि इसके ऑपरेशंस भारतीय और दक्षिण कोरियाई पार्टनर्स के बीच निरंतर सहयोग पर निर्भर करेंगे। आने वाले क्वार्टर्स में चंडीगढ़ प्रोजेक्ट की प्रगति और कंपनी की प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखी जाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.