Tata Motors Share Price: निवेशकों में हड़कंप! JLR प्रोडक्शन रुका, शेयर **52-हफ्ते** के निचले स्तर पर

AUTO
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Tata Motors Share Price: निवेशकों में हड़कंप! JLR प्रोडक्शन रुका, शेयर **52-हफ्ते** के निचले स्तर पर
Overview

Jaguar Land Rover (JLR) के Solihull प्लांट में पुर्जों की गंभीर कमी के चलते प्रोडक्शन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इस रुकावट का असर Range Rover मॉडलों पर पड़ रहा है, जिसके चलते Tata Motors Passenger Vehicles के शेयर **52-हफ्ते** के निचले स्तर पर आ गए।

JLR Solihull प्लांट में प्रोडक्शन रुका, शेयर गिरे

Jaguar Land Rover (JLR) के यूके स्थित Solihull प्लांट में पुर्जों की किल्लत के चलते प्रोडक्शन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। यह इस लग्जरी कार निर्माता के लिए सात महीनों में दूसरा बड़ा ऑपरेशनल ब्रेकडाउन है, जिसने निवेशकों का ध्यान खींचा है। प्रोडक्शन में यह रुकावट खास तौर पर मशहूर Range Rover और Range Rover Sport मॉडलों को प्रभावित कर रही है।

Tata Motors के शेयर 52-हफ्ते के निचले स्तर पर

इस खबर का असर Tata Motors Passenger Vehicles के शेयरों पर पड़ा और वे शुक्रवार को BSE पर ₹301.10 के 52-हफ्ते के निचले स्तर तक गिर गए। दिन के अंत में ये शेयर ₹303.20 पर बंद हुए, जो कि 4.68% की बड़ी गिरावट थी। इसकी तुलना में, बेंचमार्क Sensex उसी दिन 2.25% टूटा था। Solihull प्लांट Tata Motors Passenger Vehicles के कंसोलिडेटेड टर्नओवर का 75% से अधिक हिस्सा बनाता है, ऐसे में किसी भी तरह की रुकावट निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।

JLR का दावा: असर सीमित

अपने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में, Tata Motors Passenger Vehicles ने इस रुकावट को 'अस्थायी प्रकृति का और सीमित दायरे का' बताया है। कंपनी का कहना है कि उसे 'अपने समग्र ऑपरेशंस या वित्तीय प्रदर्शन पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है'। JLR के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि कंपनी प्रभावित सप्लायर के साथ मिलकर इस मुद्दे को जल्दी हल करने और ग्राहकों या ऑपरेशंस पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए काम कर रही है। प्लांट में कर्मचारियों से अपनी सामान्य दिनचर्या जारी रखने की उम्मीद है।

पिछली रुकावटों की याद

यह घटना JLR की पिछली चुनौतियों की याद दिलाती है। सितंबर 2025 में, एक गंभीर साइबर हमले ने कंपनी के कंप्यूटर नेटवर्क को चार हफ्तों तक बाधित कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप ऑपरेशंस सामान्य होने से पहले लगभग 50,000 यूनिट्स का प्रोडक्शन लॉस हुआ था। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि जटिल ग्लोबल सप्लाई चेन कितनी नाजुक हो सकती हैं और उनका सीधे स्टॉक वैल्यू पर क्या असर पड़ता है।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.