JK Tyre & Industries ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए टायरों की कीमतों में **4-5%** की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। रॉ मैटेरियल और फ्रेट कॉस्ट बढ़ने से कंपनी का मुनाफा पिछली तिमाही में **71.5%** लुढ़क गया था।
JK Tyre & Industries Ltd ने चालू फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही के लिए टायरों के दाम 4-5% बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनी पर लगातार बढ़ रहे कच्चे माल (Raw Material) और फ्रेट कॉस्ट का दबाव है। इस फाइनेंशियल ईयर में यह तीसरी बार है जब कंपनी ने दाम बढ़ाए हैं, इससे पहले पहली तिमाही में 5% और दूसरी तिमाही में 7% की बढ़ोतरी की गई थी।\n\n### नतीजों का हाल (Financial Results)\n\nसितंबर में खत्म हुई तिमाही के नतीजे कंपनी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे। नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 71.5% की बड़ी गिरावट आई और यह घटकर ₹65.11 करोड़ पर आ गया। मार्जिन पर भी दबाव साफ दिख रहा है, जो पिछले साल के 13.3% से गिरकर इस बार 7.1% पर आ गया है। कंपनी के मैनेजमेंट के अनुसार, पहली छमाही में रॉ मैटेरियल की लागत में कुल 30% का इजाफा हुआ है।\n\n### प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर दांव\n\nइस मार्जिन प्रेशर को कम करने के लिए JK Tyre अब प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस कर रही है। कंपनी बड़े रिम वाले टायर्स की सेल बढ़ाने पर जोर दे रही है, जिनकी डिमांड OEM और रिप्लेसमेंट मार्केट में बेहतर है। अब देखना यह होगा कि बार-बार दाम बढ़ाने के बाद क्या कंपनी का डिमांड पर असर पड़ता है या प्रीमियम रणनीति से मार्जिन सुधरते हैं।\n\n### इंडस्ट्री का माहौल\n\nटायर इंडस्ट्री फिलहाल नेचुरल रबर और क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वेस्ट एशिया में जारी तनाव के कारण बढ़े हुए फ्रेट चार्जेस का सामना कर रही है। यह केवल JK Tyre की समस्या नहीं है, बल्कि Apollo Tyres, CEAT, और MRF जैसे प्रतिस्पर्धी भी इन्हीं दिक्कतों से जूझ रहे हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी वॉल्यूम को प्रभावित किए बिना अपनी मार्जिन को कैसे रिकवर करती है।
