JK Tyre & Industries ने भविष्य की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने प्रीमियम टायर्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और स्मार्ट सेंसर टेक्नोलॉजी पर फोकस करने के लिए ₹6,110 करोड़ के निवेश का मेगा प्लान पेश किया है।
प्रीमियम सेगमेंट पर कंपनी का फोकस
कंपनी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। JK Tyre का लक्ष्य अगले 2 सालों में अपनी कुल बिक्री में बड़े प्रीमियम टायर्स (16-इंच और उससे बड़े रिम्स) की हिस्सेदारी को 50% से ऊपर ले जाने का है। फिलहाल यह आंकड़ा 27% से 30% के बीच है। ज्यादा कीमत वाले इन प्रोडक्ट्स के जरिए कंपनी अपने मार्जिन को बेहतर करना चाहती है।
खराब तिमाही नतीजों का दबाव
हालिया तिमाही में कंपनी के मार्जिन पर काफी दबाव दिखा है। जुलाई-सितंबर तिमाही में रेवेन्यू 20.7% बढ़कर ₹4,840.73 करोड़ रहा, लेकिन ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 35.9% की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह ₹343.14 करोड़ पर सिमट गया। कच्चे माल की बढ़ती लागत के चलते कंपनी ने कम मार्जिन वाले टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट का प्रोडक्शन खुद करने के बजाय आउटसोर्स करने का फैसला किया है।
नई टेक्नोलॉजी और EV का सहारा
कंपनी अब 'स्मार्ट टायर्स' पर जोर दे रही है, जिनमें एम्बेडेड सेंसर लगे होंगे जो हवा के दबाव और तापमान का रीयल-टाइम डेटा देंगे। इसके अलावा, EV स्पेस के लिए कंपनी ने 'JETWAY JUXe' (कमर्शियल व्हीकल्स के लिए) और 'Ranger HPe' (पैसेंजर इलेक्ट्रिक कारों के लिए) जैसे खास प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
टायर इंडस्ट्री के लिए नेचुरल रबर और क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव एक बड़ी चुनौती है। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी अपने कर्ज का मैनेजमेंट कैसे करती है और क्या ये भारी निवेश आने वाली तिमाहियों में मुनाफे को स्थिर कर पाएंगे या नहीं।
