जनवरी 2026 में भारत का इलेक्ट्रिक चार-पहिया (EV) बाजार 63% की ज़बरदस्त छलांग लगाते हुए 17,654 यूनिट्स तक पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले एक बड़ी बढ़ोतरी है। पिछले दो महीनों में थोड़ी धीमी बिक्री के बाद, बाजार में महीने-दर-महीने 15% की ग्रोथ देखी गई, जो बाजार की मजबूत रफ्तार को दिखाती है। यह बढ़त सिर्फ डिमांड में बढ़ोतरी का नतीजा नहीं है, बल्कि सप्लाई की बदलती तस्वीर को भी दिखाती है, जहां स्थापित ऑटो कंपनियाँ प्रोडक्शन बढ़ा रही हैं और नई कंपनियाँ तेज़ी से बाजार में अपनी जगह बना रही हैं। विश्लेषक इस ज़बरदस्त तेज़ी के पीछे कई वजहें बता रहे हैं, जिनमें ग्राहकों का इलेक्ट्रिक वाहनों को ज़्यादा अपनाना, खास तौर पर पॉपुलर SUV सेगमेंट में नए मॉडल्स का लॉन्च होना और वाहनों की ड्राइविंग रेंज में सुधार शामिल है।
बाजार की चाल और कॉम्पिटिशन में बड़ा बदलाव
Tata Motors इलेक्ट्रिक चार-पहिया सेगमेंट में अपनी लीडरशिप बनाए हुए है, लेकिन कॉम्पिटिशन का स्तर काफी बढ़ गया है। बाजार में टॉप कंपनियों की रैंकिंग में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। वियतनाम की कार निर्माता VinFast ने भारत में प्रोडक्शन शुरू करने के महज़ चार महीनों के अंदर VF 7 और VF 6 मॉडल्स के साथ चौथी सबसे बड़ी निर्माता बनकर तेज़ी से अपनी जगह बनाई है। इससे पुरानी कंपनियों को चुनौती मिली है। Mahindra Electric ने अपने EV मॉडल्स की ज़्यादा यूनिट्स की बिक्री के दम पर अपने मार्केट शेयर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। वहीं, JSW MG का मार्केट शेयर थोड़ा कम हुआ है, भले ही उसकी कुल बिक्री में मामूली बढ़ोतरी हुई हो। Hyundai ने टॉप 5 मैन्युफैक्चरर्स की लिस्ट में वापसी की है, जिसके चलते BMW छठे स्थान पर आ गई है। यह कॉम्पिटिशन बाज़ार में अपनी पकड़ बनाने के लिए चल रही कड़ी