Commercial Vehicle Industry: FY27 में रफ्तार होगी धीमी, ICRA ने जारी किया अनुमान

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AuthorAditya Rao|Published at:
Commercial Vehicle Industry: FY27 में रफ्तार होगी धीमी, ICRA ने जारी किया अनुमान

ICRA की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कमर्शियल व्हीकल इंडस्ट्री की ग्रोथ FY27 में **4-6%** तक सीमित रह सकती है। पिछले साल के हाई बेस और बदलती मार्केट डिमांड के चलते अब तेजी में सुस्ती के संकेत मिल रहे हैं।

भारतीय कमर्शियल व्हीकल मार्केट अब मॉडरेट ग्रोथ के दौर में प्रवेश कर रहा है। रेटिंग एजेंसी ICRA का अनुमान है कि पूरे फाइनेंशियल ईयर FY27 में इंडस्ट्री की सेल्स वॉल्यूम में 4-6% की वृद्धि होगी। वित्तीय वर्ष की शुरुआत तो जोरदार रही थी, लेकिन दूसरी छमाही (Second Half) में तेजी ठंडी पड़ती नजर आ रही है।

क्यों कम हो रही है रफ्तार?

इस सुस्ती के पीछे सबसे बड़ी वजह 'हाई बेस इफेक्ट' (High Base Effect) है। FY26 की दूसरी छमाही में टैक्स रेट्स में बदलाव के कारण डिमांड में भारी उछाल आया था, जिससे सेल्स के आंकड़े काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गए थे। अब उन बड़े आंकड़ों के मुकाबले इस साल ग्रोथ दिखाना एक बड़ी चुनौती बन गई है।

सेगमेंट के हिसाब से तस्वीर

  • लाइट कमर्शियल व्हीकल्स (LCV): ई-कॉमर्स और लास्ट-माइल डिलीवरी की बढ़ती मांग के चलते यह सेगमेंट सबसे आगे रहेगा, जिसमें 6-8% की ग्रोथ संभव है।
  • मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल्स: भारी ट्रकों की बिक्री काफी सुस्त रह सकती है, जिसकी ग्रोथ केवल 1-3% रहने का अनुमान है।
  • बसेज (Buses): बस सेगमेंट में भी स्थिरता बनी रहेगी और ग्रोथ 3-5% के आसपास रह सकती है।

इकोनॉमिक ड्राइवर्स और चुनौतियां

इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, माइनिंग और स्टील-सीमेंट जैसे कमोडिटी की ढुलाई बड़े ट्रकों की मांग को जिंदा रखे हुए है। इसके साथ ही, व्हीकल फाइनेंसिंग की आसान उपलब्धता फ्लीट ऑपरेटर्स की मदद कर रही है। हालांकि, ऑपरेशनल कॉस्ट का बढ़ना अभी भी खरीदारों के लिए एक चिंता का विषय बना हुआ है। आने वाले समय में सरकार के प्रोजेक्ट्स की रफ्तार और फ्रेट रेट्स (Freight Rates) ही इस सेक्टर की अगली दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.