साल 2026 में भारतीय ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स ने अब तक **97** राउंड्स में **$1.3 बिलियन** की फंडिंग जुटाई है। हालांकि डील्स की संख्या में कमी आई है, लेकिन अब सारा पैसा बड़ी और मैच्योर कंपनियों की ओर शिफ्ट हो रहा है।
भारतीय ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेशकों का मूड पूरी तरह से बदल चुका है। जहां 2025 के दौरान 195 राउंड्स में $2.1 बिलियन की फंडिंग हुई थी, वहीं इस साल की रफ्तार बताती है कि निवेशक अब छोटे स्टार्टअप्स के बजाय उन कंपनियों को चुन रहे हैं, जिनका बिजनेस मॉडल पहले से साबित हो चुका है।\n\n### बड़े खिलाड़ियों का बोलबाला\n\nफंडिंग का एक बड़ा हिस्सा दिग्गज कंपनियों के पास जा रहा है। इनमें राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म Rapido ने $240 मिलियन, इलेक्ट्रिक व्हीकल स्टार्टअप Simple Energy ने $180 मिलियन और River ने $102 मिलियन की बड़ी राशि जुटाई है। डेटा के अनुसार, इस साल की कुल फंडिंग का लगभग 70 फीसदी हिस्सा केवल 10 बड़े ट्रांजेक्शन में सिमट गया है।\n\n### कंसोलिडेशन और अधिग्रहण का दौर\n\nकेवल नई फंडिंग ही नहीं, कंपनियां अब अपना दायरा बढ़ाने के लिए दूसरी छोटी कंपनियों को खरीद भी रही हैं। Cars24 द्वारा CarInfo और Vehicleinfo का अधिग्रहण इसका बड़ा उदाहरण है। साथ ही Roadzen और 91trucks जैसी कंपनियां भी अपने डिजिटल फुटप्रिंट को बढ़ाने के लिए लगातार स्ट्रैटेजिक कदम उठा रही हैं।\n\nअब सेक्टर 'एक्सपेरिमेंट' के फेज से निकलकर 'स्केल' और 'प्रॉफिटेबिलिटी' के फेज में है। छोटे स्टार्टअप्स के लिए आगे की राह कठिन है क्योंकि निवेशक अब उनकी 'कैश बर्न' और 'यूनिट इकोनॉमिक्स' पर पैनी नजर रख रहे हैं।
