Indian Auto Sector: कारों की कीमतों में हो सकता है बड़ा इजाफा, बढ़ती लागत ने बढ़ाई टेंशन

AUTO
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Indian Auto Sector: कारों की कीमतों में हो सकता है बड़ा इजाफा, बढ़ती लागत ने बढ़ाई टेंशन

त्योहारी सीजन के खत्म होते ही भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां कारों के दाम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। कच्चे माल और लॉजिस्टिक की बढ़ती लागत के कारण प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव है, वहीं दूसरी ओर बिक्री की रफ्तार भी धीमी होकर **5%-6%** पर रहने का अनुमान है।

त्योहारी सीजन के दौरान ऑटो कंपनियों ने बिक्री को रफ्तार देने के लिए बढ़ी हुई लागत को खुद सोखा, लेकिन अब कॉर्पोरेट प्रॉफिट को बचाने के लिए जल्द ही गाड़ियों के दाम बढ़ने की उम्मीद है। ऑटो सेक्टर इस समय 12 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंची इनपुट कॉस्ट से जूझ रहा है।

कमोडिटी कीमतों का असर

ऑटो सेक्टर की कमाई का सीधा ताल्लुक कमोडिटी की कीमतों से है। स्टील और एल्युमीनियम जैसे कच्चे माल की कीमतों में भारी उछाल आया है। हॉट-रोल्ड स्टील की कीमतें पिछले एक साल में 30% तक बढ़ चुकी हैं और यह अब ₹65,000 से ₹66,750 प्रति टन के बीच ट्रेड कर रहा है। वहीं, एल्युमीनियम की लागत भी 23% बढ़कर $3,276 प्रति टन पहुंच गई है। इसके अलावा, माल ढुलाई (Freight) की लागत बताने वाला 'बाल्टिक ड्राई इंडेक्स' पिछले साल की तुलना में 60% चढ़ गया है, जिससे मार्जिन पर सीधा असर पड़ रहा है।

डिमांड और ग्रोथ का आउटलुक

Maruti Suzuki और Tata Motors जैसी कंपनियों ने इस साल महंगाई को मात देने के लिए पहले भी कई बार कीमतों में बदलाव किए हैं। अब चुनौती यह है कि बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद मांग (Demand) को कैसे बरकरार रखा जाए। फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में जहां डबल-डिजिट ग्रोथ देखी गई थी, वहीं अक्टूबर से मार्च के बीच ग्रोथ के 5% से 6% तक सीमित रहने की आशंका है। हालांकि, पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए कुल कार बिक्री 10% की ग्रोथ के साथ 46.4 लाख यूनिट्स तक पहुंचने का अनुमान है।

निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?

आने वाले महीनों में निवेशकों को दो बातों पर बारीक नजर रखनी होगी। पहली, कंपनियों की वह क्षमता जिससे वे ग्राहकों पर बोझ डाले बिना दाम बढ़ा सकें। दूसरी, विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव, जो प्रीमियम कार बनाने वाली कंपनियों की लागत को और बढ़ा रहा है। निवेशकों के लिए अब कंपनियों के आगामी क्वार्टरली नतीजे सबसे महत्वपूर्ण होंगे, जिनसे यह पता चलेगा कि Mahindra & Mahindra जैसी दिग्गज कंपनियां अपनी प्रॉफिटेबिलिटी को बचाने में कितनी सफल रही हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.