Live News ›

Indian Auto Sector: सेल्स में बंपर उछाल, पर मार्जिन पर छाए बादल!

AUTO
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Indian Auto Sector: सेल्स में बंपर उछाल, पर मार्जिन पर छाए बादल!
Overview

Q4 FY26 में भारतीय ऑटो सेक्टर ने ज़बरदस्त सेल्स ग्रोथ दर्ज की है। SUV और इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) की ज़बरदस्त डिमांड ने कंपनियों की बिक्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। हालांकि, बढ़ती लागत और ग्लोबल अनिश्चितताएं भविष्य के मुनाफे पर दबाव बना रही हैं।

SUV और EV की डिमांड ने बढ़ाई बिक्री, पर लागत का बोझ भी बढ़ा

Mahindra & Mahindra (M&M) की ऑटो सेल्स में पिछले साल के मुकाबले 21% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई, कुल 3,01,455 यूनिट्स बिकीं। इसकी वजह M&M की SUV रेंज रही, जिसकी बिक्री 23.3% बढ़कर 1,83,800 यूनिट्स तक पहुंच गई, जिसमें XUV7XO और Thar जैसे मॉडल्स का बड़ा हाथ रहा। वहीं, Tata Motors Passenger Vehicles ने भी दमदार प्रदर्शन किया, कुल गाड़ियों की बिक्री 37% बढ़कर 2,01,368 यूनिट्स पर पहुंच गई। कंपनी की इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेल्स 69% उछलकर 27,000 यूनिट्स रही, जबकि Harrier और Safari के नए पेट्रोल वेरिएंट भी लॉन्च हुए। Hyundai Motor India ने रिकॉर्ड 1,66,578 डोमेस्टिक यूनिट्स की बिक्री की, जो 8.5% ज़्यादा है, जिसमें Verna और Exter मॉडल्स का अहम योगदान रहा। कुल मिलाकर Hyundai की सेल्स 8.7% बढ़कर 2,08,275 यूनिट्स पर पहुंची, जिसमें एक्सपोर्ट्स का 9.4% इजाफा शामिल है। Maruti Suzuki India की कुल वॉल्यूम 11.8% बढ़कर 6,76,209 यूनिट्स हुई, जिसका मुख्य कारण एक्सपोर्ट्स में आई 61.2% की ज़बरदस्त तेजी है। हालांकि, डोमेस्टिक स्मॉल कार सेल्स में 4% की गिरावट दिखी, जो मिडिल क्लास खरीदारों के बीच थोड़ी सावधानी का संकेत देती है।

बढ़ती लागतों ने ऑटो सेक्टर के मार्जिन को कसा

बिक्री बढ़ने के बावजूद, ऑटो सेक्टर को बढ़ती रॉ मटेरियल (कच्चे माल) की लागतों का सामना करना पड़ रहा है। LME पर एल्युमीनियम की कीमतें पिछले साल के मुकाबले 20% बढ़कर $3,200 प्रति टन हो गईं, जबकि स्टील की कीमतों में करीब 10% का इजाफा हुआ। इस लागत को वसूलने के लिए, Maruti Suzuki और Hyundai Motor India अप्रैल 2026 से अपनी गाड़ियों की कीमतों में 2% तक की बढ़ोतरी करने की योजना बना रही हैं, जो जनवरी में हुई पिछली बढ़ोतरी के बाद एक और कदम है। इस लागत दबाव का असर पहले ही प्रॉफिट पर दिखना शुरू हो गया है। Q3 FY26 में Maruti Suzuki का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 170 बेसिस पॉइंट घटकर 11% पर आ गया। वहीं, M&M का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन पिछले क्वार्टर में 14.7% पर स्थिर रहा। एनालिस्ट्स का मानना है कि FY26-27 के दौरान कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी एक बड़ी चिंता बनी रहेगी, जिससे मार्जिन और भी कम हो सकते हैं।

ग्लोबल रिस्क और धीमे ग्रोथ का अनुमान

ईरान-अमेरिका/इजरायल जैसे भू-राजनीतिक तनाव के कारण कंज्यूमर अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे गाड़ियों जैसी बड़ी गैर-ज़रूरी खरीदारी में कमी आ सकती है। यह अनुमानों के अनुरूप है कि FY2026-27 में ऑटो सेक्टर की ग्रोथ धीमी रह सकती है, जहां पिछले साल की ज़बरदस्त ग्रोथ के बाद कुल वॉल्यूम में सिर्फ 3-6% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। यूटिलिटी व्हीकल (UV) और मल्टी-पर्पस व्हीकल (MPV) सेगमेंट इंडस्ट्री की 65% से ज़्यादा सेल्स में अपनी हिस्सेदारी बनाए हुए हैं, जो पिछले सालों के मुकाबले एक बड़ा बदलाव है।

मिश्रित नतीजों के बीच अलग-अलग स्टॉक परफॉर्मेंस

इन नतीजों और जोखिमों का असर शेयर बाज़ार पर भी दिखा। M&M का शेयर 2.5% चढ़कर ₹3,029 पर पहुंच गया, जिसकी मार्केट कैप करीब ₹3.77 ट्रिलियन है। Tata Motors Passenger Vehicles 2.4% बढ़कर ₹303.4 पर कारोबार कर रहा था, जबकि इसकी पेरेंट कंपनी Tata Motors Ltd. की मार्केट कैप मार्च 2026 तक करीब ₹1.46 ट्रिलियन थी। Maruti Suzuki India भी 1.6% की बढ़त के साथ ₹12,500 पर बंद हुआ, जिसकी मार्केट कैप लगभग ₹3.87 ट्रिलियन है। इसके विपरीत, Hyundai Motor India के रिकॉर्ड डोमेस्टिक सेल्स के बावजूद, शेयर 3.2% गिरकर ₹1,720.5 पर आ गया। Hyundai के शेयर में आई गिरावट धीमी ग्रोथ और नए प्रोडक्ट प्लान्स से जुड़े जोखिमों की चिंताओं को दर्शाती है, भले ही कुछ एनालिस्ट्स ने 'Buy' रेटिंग और बड़े टारगेट प्राइस दिए हों। Tata Motors Passenger Vehicles का P/E रेशियो 18.6 है, जो M&M ( 21.77-26.33 ), Maruti Suzuki ( 25.9-26.7 ) और Hyundai ( 23.9-27.58 ) की तुलना में कम है। Tata Motors का यह कम वैल्यूएशन शायद उसकी यूके ऑपरेशंस में रिकवरी की उम्मीदों को दर्शाता है।

JLR की चुनौतियां और टैरिफ में राहत

Tata Motors का अहम हिस्सा, Jaguar Land Rover (JLR) अभी भी जांच के दायरे में है। Q4 FY25 में JLR की होलसेल वॉल्यूम 6.7% बढ़कर 1,11,413 यूनिट्स रही, हालांकि दिसंबर 2025 की साइबर घटना जैसे कारकों ने परफॉर्मेंस को प्रभावित किया। JLR ने टैरिफ के कारण अप्रैल 2025 में अमेरिका को शिपमेंट अस्थायी रूप से रोक दिया था। हालांकि, मई 2025 में घोषित हुए एक US-UK ट्रेड डील, जिसने अमेरिका को यूके के ऑटो एक्सपोर्ट पर टैरिफ कम किए, ने सेक्टर के लिए निश्चितता बढ़ाई है। Tata Motors ग्रुप ने FY25 का अंत ₹1,000 करोड़ के नेट पॉजिटिव ऑटो कैश पोजीशन के साथ किया।

एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय

एनालिस्ट्स के विचार मिले-जुले हैं। ICICI Securities ने Hyundai Motor India को 'Buy' रेटिंग और ₹2,150 का टारगेट प्राइस देकर कवरेज शुरू किया है, जो इसके मजबूत नए प्रोडक्ट प्लान्स का हवाला देता है। हालांकि, दूसरी रिपोर्ट्स अधिक सतर्क आउटलुक का सुझाव देती हैं, कुछ एनालिस्ट्स उच्च वैल्यूएशन और घटाए गए रेवेन्यू अनुमानों के कारण Hyundai Motor India के लिए 'Sell' या 'Reduce' रेटिंग की सलाह दे रहे हैं। Maruti Suzuki के लिए 'Hold' रेटिंग और ₹11,710 का टारगेट प्राइस है। पूरे सेक्टर के लिए, FY26 में डोमेस्टिक सेल्स में 3-4% की मामूली ग्रोथ और 20% तक मजबूत एक्सपोर्ट ग्रोथ का अनुमान है। EVs का योगदान भी महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है, हालांकि शुरुआती बेस कम है। आने वाले वित्तीय वर्षों में अपेक्षित मंदी और प्रतिस्पर्धा को मैनेज करने के लिए सफल नए प्रोडक्ट लॉन्च और प्रभावी लागत प्रबंधन महत्वपूर्ण होंगे।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.