सेक्टर की रफ्तार ने 2026 की बिक्री को दी उड़ान
नए साल 2026 का आगाज भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के लिए धमाकेदार रहा। जनवरी में पैसेंजर व्हीकल (PV) की होलसेल बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 11% से ज़्यादा का उछाल देखा गया, जो लगभग 4.50 लाख यूनिट पर जा पहुंची। यह मजबूत ग्रोथ नए वाहनों के प्रति ग्राहकों के लगातार बने रुझान को दर्शाती है, जिसे इकोनॉमी की पॉजिटिव आउटलुक और रूरल सेंटीमेंट में सुधार का भी साथ मिला है। इस शानदार परफॉर्मेंस ने इन्वेस्टर्स का कॉन्फिडेंस बढ़ाया है, जिसके चलते ऑटो स्टॉक्स में भी तेजी देखने को मिली। कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों के बावजूद, मैन्युफैक्चरर्स डिमांड को पूरा करने पर फोकस कर रहे हैं। यह सेक्टर की मजबूती और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग का एक बड़ा सबूत है।
कंपनियों का दमदार प्रदर्शन
अगर अलग-अलग कंपनियों की बात करें, तो Maruti Suzuki India (MSIL) ने इस ग्रोथ में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। कंपनी ने 2,36,963 यूनिट्स की रिकॉर्ड मंथली डिस्पैच दर्ज की। इसमें 51,020 यूनिट्स के साथ ऑल-टाइम मंथली एक्सपोर्ट का रिकॉर्ड भी शामिल है, जो कंपनी के बढ़ते ग्लोबल फुटप्रिंट को दिखाता है। डोमेस्टिक मार्केट में भी MSIL की डिस्पैच में मामूली ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ रही। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹4.58 लाख करोड़ है और P/E रेश्यो लगभग 30 है, जो इसके मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को दर्शाता है।
Mahindra & Mahindra (M&M) ने कुल बिक्री में 24% की शानदार ईयर-ऑन-ईयर बढ़ोतरी के साथ लगभग 1.04 लाख यूनिट्स की बिक्री की। इनके यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट में डोमेस्टिक बिक्री 25% बढ़कर 63,510 यूनिट्स पर पहुँच गई, जबकि कमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री 22% बढ़ी। M&M ने अपनी XUV7XO और XEV 9S मॉडल्स के लिए 93,689 बुकिंग्स का नया रिकॉर्ड भी बनाया, जिनकी वैल्यू ₹20,500 करोड़ थी, और यह सिर्फ चार घंटे में हासिल हुआ। कंपनी का P/E रेश्यो करीब 31.86 है, जो इसके मजबूत मार्केट वैल्यूएशन का संकेत देता है।
Hydan Motor India (HMIL) ने अपनी मंथली डोमेस्टिक बिक्री में 9.5% की बढ़ोतरी करते हुए 59,107 यूनिट्स का रिकॉर्ड बनाया। एक्सपोर्ट को मिलाकर कुल बिक्री 11.5% बढ़कर 73,137 यूनिट्स रही, जिसमें एक्सपोर्ट 20.9% बढ़े। कंपनी का P/E रेश्यो करीब 31.64 है, जो मार्केट में इसकी अहमियत को बताता है।
टू-व्हीलर सेगमेंट में भी बहार है। Hero MotoCorp ने टोटल सेल्स में 26% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ के साथ 5,57,871 यूनिट्स की बिक्री की। इसमें स्कूटर्स की डिस्पैच में 45% से ज़्यादा की भारी उछाल और बाइक्स की लगातार डिमांड शामिल है। Hero MotoCorp का मार्केट कैप करीब ₹1.09 लाख करोड़ और P/E रेश्यो 20.6 के आसपास है। वहीं, Eicher Motors के तहत आने वाली Royal Enfield की सेल्स 14% बढ़कर 1.04 लाख यूनिट्स रही, जिसमें डोमेस्टिक सेल्स 16% बढ़ी। इस फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ग्लोबल सेल्स में एक मिलियन का आंकड़ा पार कर चुकी है।
प्रोडक्शन मैनेजमेंट और आगे का आउटलुक
इस ज़बरदस्त सेल्स ग्रोथ के बावजूद, मैन्युफैक्चरर्स प्रोडक्शन को डिमांड के हिसाब से मैनेज कर रहे हैं और बड़े ऑर्डर बैकलॉग को पूरा करने की कोशिश में हैं। उदाहरण के तौर पर, Maruti Suzuki के पास करीब 1.75 लाख पेंडिंग बुकिंग्स हैं, जिससे प्रोडक्शन शेड्यूल को बैलेंस करने के एफर्ट्स किए जा रहे हैं। कंपनी ने कमोडिटी की बढ़ती लागत के कारण कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर ग्राहकों की चिंताओं को दूर करने के लिए प्राइस प्रोटेक्शन स्कीम्स भी शुरू की हैं। इस प्रो-एक्टिव अप्रोच का मकसद कस्टमर लॉयल्टी बनाए रखना और व्हीकल की खरीद को आसान बनाना है।
दूसरे कॉम्पिटिटर्स की बात करें तो Tata Motors की डोमेस्टिक PV सेल्स 46.1% बढ़कर 70,222 यूनिट्स पर पहुँच गई, जिसमें Nexon और Punch मॉडल्स ने रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की। Toyota Kirloskar Motor ने अपने ऑल-इलेक्ट्रिक Urban Cruiser Ebella के लॉन्च के सहारे टोटल सेल्स में 15% की बढ़ोतरी के साथ 33,880 यूनिट्स की बिक्री की।
कुल मिलाकर, सेक्टर का आउटलुक सावधानीपूर्वक आशावादी बना हुआ है। आगे भी डिमांड बने रहने की उम्मीद है, लेकिन ग्लोबल सप्लाई चेन डायनामिक्स और रॉ मैटेरियल की कीमतों पर पैनी नज़र रखनी होगी।