Auto Sector Record: अक्टूबर में कार बिक्री का नया कीर्तिमान, **5.3 लाख** यूनिट्स के पार पहुंचा आंकड़ा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Auto Sector Record: अक्टूबर में कार बिक्री का नया कीर्तिमान, **5.3 लाख** यूनिट्स के पार पहुंचा आंकड़ा

भारतीय ऑटो सेक्टर के लिए अक्टूबर **2026** ऐतिहासिक रहा। फेस्टिव सीजन की तैयारी में कंपनियों ने डीलर्स के पास भारी स्टॉक भेजा, जिससे कुल पैसेंजर व्हीकल डिस्पैच **5.3 लाख** यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, निवेशकों को अब त्योहारी सीजन के बाद रिटेल डिमांड और ग्रामीण भारत की सुस्त रफ्तार पर नजर रखनी होगी।

अक्टूबर 2026 में भारतीय पैसेंजर व्हीकल इंडस्ट्री ने इतिहास रच दिया है। फैक्ट्री से डीलर्स तक भेजे गए वाहनों की संख्या 5.25 लाख से 5.30 लाख यूनिट्स के बीच रही, जो पिछले साल की तुलना में 13-14% ज्यादा है। यह उछाल मुख्य रूप से धनतेरस और दिवाली की उम्मीदों के चलते डीलर्स के पास इन्वेंट्री जमा करने के कारण आया है।

प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन

  • Maruti Suzuki India: कंपनी ने अब तक की सबसे ज्यादा 212,384 यूनिट्स की डोमेस्टिक बिक्री दर्ज की, जो 20% की साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ है।
  • Hyundai Motor India: यहां बिक्री 62,799 यूनिट्स रही, जिसमें 16.7% का उछाल देखा गया।
  • Tata Motors: पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में कंपनी ने 73,894 यूनिट्स बेचे, जो 21% अधिक है।
  • Mahindra & Mahindra: एसयूवी पोर्टफोलियो की बदौलत 73,338 यूनिट्स की दमदार बिक्री दर्ज की गई।

कहां दिखी चुनौती?

हर कंपनी के लिए तस्वीर एक जैसी नहीं रही। Toyota Kirloskar Motor की कुल बिक्री में 27-29% की गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण एक्सपोर्ट में कमी और पिछले साल का 'हाई बेस इफेक्ट' रहा। वहीं, ट्रैक्टर सेगमेंट में भी डबल-डिजिट की गिरावट देखी गई। इसकी वजह दिवाली के कैलेंडर में बदलाव है, जिससे ग्रामीण ग्राहकों का खरीदारी चक्र प्रभावित हुआ।

निवेशकों के लिए चेतावनी

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये 'होलसेल' नंबर हैं, यानी फैक्ट्री से बाहर गया माल। असली तस्वीर तब साफ होगी जब यह इन्वेंट्री रिटेल रजिस्ट्रेशन में तब्दील होगी। फिलहाल डीलर्स से मिल रहे संकेत बताते हैं कि ग्रामीण मांग कमजोर हो सकती है, जिसका कारण असमान बारिश और फसल से कम आय है। इसके अलावा, बढ़ती इनपुट कॉस्ट और हाई-इंटरेस्ट रेट्स का दबाव भी ऑटो कंपनियों के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों को अब नवंबर के रिटेल डेटा का इंतजार करना चाहिए ताकि असली डिमांड का पता चल सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.