अप्रैल 2026 में 19.16 लाख यूनिट्स की बिक्री के साथ, भारतीय टू-व्हीलर मार्केट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की एक मजबूत शुरुआत की है। पिछले साल की तुलना में यह 12.9% की जोरदार वृद्धि है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बेहतर फाइनेंसिंग ऑप्शन्स और ग्राहकों के बढ़ते विश्वास ने इस ग्रोथ को सपोर्ट किया है। इस दौरान, Hero MotoCorp 5.52 लाख यूनिट्स की बिक्री के साथ सबसे आगे रहा, हालांकि इसका मार्केट शेयर थोड़ा घटकर 29.21% पर आ गया। Honda ने 4.72 लाख यूनिट्स बेचे। TVS Motor Company ने 18.32% की शानदार ग्रोथ दर्ज करते हुए 3.69 लाख यूनिट्स बेचे, जबकि Bajaj Auto के 2.01 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई, जो 9.74% की बढ़ोतरी है। Royal Enfield और Yamaha ने भी डबल-डिजिट ग्रोथ हासिल की।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (e2W) सेगमेंट में तस्वीर थोड़ी अलग है। यह कुल रजिस्ट्रेशन का लगभग 9% हिस्सा रखता है। Ather Energy ने तो गजब कर दिया, इसकी बिक्री 100.78% बढ़कर 27,394 यूनिट्स तक पहुंच गई। वहीं, Ola Electric की सेल्स 38.63% गिरकर सिर्फ 12,166 यूनिट्स रह गई। इस बड़े अंतर के पीछे ई-व्हीकल कंपनियों की अलग-अलग स्ट्रैटेजी दिख रही है। Ather ने अपना मार्केट शेयर बढ़ाया है और वैल्यूएशन में Ola को पीछे छोड़ा है। Ola फिलहाल प्रॉफिट पर ज्यादा फोकस कर रही है। प्रोडक्शन की दिक्कतों, जैसे रेयर अर्थ मैग्नेट्स की सप्लाई में रुकावट, ने Bajaj Auto और TVS Motor जैसी कंपनियों को भी प्रभावित किया है।
मार्केट वैल्यूएशन की बात करें तो निवेशकों का भरोसा भी अलग-अलग नजर आ रहा है। सबसे बड़ी कंपनी Hero MotoCorp का P/E रेशियो (Price-to-Earnings Ratio) करीब 18.5x के आसपास है, जो इसके 10 साल के औसत के करीब है। Bajaj Auto 27.6x से 31.4x के P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके ऐतिहासिक औसत से ज्यादा है। वहीं, TVS Motor Company का P/E रेशियो काफी ऊपर, 56.7x से 77.8x तक है। यह हाई वैल्यूएशन बताता है कि निवेशक TVS से भारी ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं, भले ही ई-व्हीकल सेक्टर में कुछ चुनौतियां हों।
इन सब के बावजूद, मार्केट में कुछ जोखिम भी बने हुए हैं। Ola Electric की गिरती बिक्री और Ather की बढ़त अलग-अलग स्ट्रैटेजी का नतीजा है। अप्रैल 2025 में Hero Splendor (-38.34%) और Honda Activa (-25.17%) जैसे मॉडल्स की बिक्री में भी तेज गिरावट देखी गई थी, जो दिखाता है कि मार्केट लीडर्स के लिए भी लगातार अच्छी परफॉरमेंस बनाए रखना आसान नहीं है। ग्रामीण मांग, मानसून की स्थिति और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी मार्जिन पर असर डाल सकते हैं। आगे चलकर, FY27 के लिए इंडस्ट्री का अनुमान है कि ग्रोथ धीमी रहेगी। Crisil रेटिंग्स 7-9% की ग्रोथ का अनुमान लगा रही है, वहीं ICRA का अनुमान 3-5% है। कई टू-व्हीलर कंपनियां भी सिंगल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद कर रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ना, ग्राहकों की बदलती पसंद और नए नियम मार्केट की दिशा तय करते रहेंगे।
