FY26 में रिकॉर्ड बिक्री का जलवा
India's Two-Wheeler सेक्टर ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में रिकॉर्ड 2.2 करोड़ (22 million) यूनिट्स की डोमेस्टिक होलसेल बिक्री के साथ एक नया मुकाम हासिल किया है। यह पिछले साल के मुकाबले 10.2% की दमदार ग्रोथ को दर्शाता है। वहीं, रिटेल सेल्स में तो और भी ज्यादा, लगभग 13% की तेजी देखी गई। फाइनेंशियल ईयर के दूसरे हाफ में तो सेल्स में जबरदस्त उछाल आया, खासकर सितंबर 2025 में GST 2.0 रिफॉर्म्स लागू होने के बाद। इन टैक्स बदलावों ने गाड़ियों को, खासकर एंट्री-लेवल मॉडल्स को, और सस्ता बना दिया। इसके अलावा, अनुकूल आर्थिक माहौल जैसे कि कम ब्याज दरें और इनकम टैक्स में राहत, ने रूरल डिमांड को भी खूब बढ़ावा दिया। मार्च महीने में होलसेल बिक्री में लगभग 20% और रिटेल सेल्स में 28.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इलेक्ट्रिक बाइक्स और एक्सपोर्ट्स में भी उछाल
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (e2Ws) की बिक्री में भी लगातार इजाफा देखा गया। मार्च में इनकी रिटेल वॉल्यूम 47.4% बढ़ी, और पूरे फाइनेंशियल ईयर में 21.9% की ग्रोथ आई। बावजूद इसके, FY2026 में e2W का मार्केट शेयर अभी भी 3.3% है, जो भविष्य में काफी ग्रोथ की संभावना दिखाता है। एक्सपोर्ट्स भी पूरे साल 23.3% बढ़े, जिसका मुख्य कारण भारतीय निर्मित बाइक्स की बढ़ती रेंज और ग्लोबल एक्सेप्टेंस है।
FY2027 में धीमी ग्रोथ का अनुमान
आगे फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) को देखें तो इंडस्ट्री की ग्रोथ अनुमानित तौर पर धीमी होने वाली है। रेटिंग एजेंसी ICRA का अनुमान है कि FY26 के हाई सेल्स बेस के कारण ग्रोथ घटकर 3–5% रह सकती है। एल नीनो के कारण संभावित कमजोर मानसून भी रूरल डिमांड को प्रभावित कर सकता है। वहीं, Crisil Ratings थोड़ा ज्यादा आशावादी है और 7–9% ग्रोथ का अनुमान लगा रहा है, जिसके तहत कुल बिक्री 2.9 करोड़ (29 million) यूनिट्स तक पहुंच सकती है। अन्य एनालिस्ट 6-9% के बीच ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं।
FY2027 में चुनौतियां
FY27 में ग्रोथ को कई चीजें रोक सकती हैं। FY26 का रिकॉर्ड प्रदर्शन एक बड़ी तुलना का आधार तैयार करता है। कमजोर मानसून रूरल इनकम और डिमांड को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव सप्लाई चेन और एक्सपोर्ट्स को बाधित कर सकता है। बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट से कीमतों में इजाफा हो सकता है, जिससे गाड़ियां महंगी हो जाएंगी। कुछ एनालिस्ट का मानना है कि TVS Motor जैसी कंपनियों के हाई स्टॉक वैल्यूएशन, इन चुनौतियों और धीमी ग्रोथ की संभावनाओं को देखते हुए, शायद ज्यादा आशावादी हैं।
प्रमुख कंपनियों के वैल्यूएशन
मुख्य टू-व्हीलर निर्माताओं के मार्केट वैल्यूएशन में अंतर देखा जा सकता है। Hero MotoCorp का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 19-21 के आसपास है, जो इसके ऐतिहासिक औसत के करीब है। TVS Motor Company का P/E रेश्यो लगभग 57-62 है, जो अपने ऐतिहासिक औसत और इंडस्ट्री पीयर्स से काफी ऊपर है। Bajaj Auto, जो लंबी अवधि के परफॉरमेंस के लिए जानी जाती है, का P/E रेश्यो 27-31 है, जो ऑटो इंडस्ट्री के औसत P/E 33 से थोड़ा कम है।
