भारत के लग्जरी ऑटो मार्केट में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। BMW की कुल बिक्री में EV का हिस्सा **26%** पहुंच गया है, जबकि दिग्गज कंपनी Tesla ने भी एंट्री लेते ही **16.4%** मार्केट शेयर हासिल कर लिया है। इसका मुख्य कारण **5%** GST का फायदा है, जो इसे मास-मार्केट के मुकाबले अलग बनाता है।
भारत में लग्जरी कारों का बाजार तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर मुड़ रहा है। मास-मार्केट के विपरीत, यहां ग्राहकों को रेंज एंजायटी (range anxiety) की चिंता कम है, क्योंकि अधिकतर प्रीमियम बायर्स के पास घर पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है।
BMW और Mercedes की जंग
BMW Group India ने साल 2026 के पहले 6 महीनों में 9,075 यूनिट्स बेचकर 17% की ग्रोथ दर्ज की है। खास बात यह है कि कंपनी की कुल बिक्री में 26% योगदान इलेक्ट्रिक गाड़ियों का है और लग्जरी EV मार्केट में कंपनी 69% हिस्सेदारी के साथ टॉप पर बनी हुई है। वहीं, Mercedes-Benz India ने 9,768 यूनिट्स की बिक्री के साथ 9% की ग्रोथ दिखाई है, जिसमें EV का हिस्सा करीब 14% रहा है।
टैक्स का फायदा और चुनौतियां
नई कंपनी Tesla ने जुलाई 2026 तक लग्जरी इलेक्ट्रिक सेगमेंट में 16.4% बाजार हिस्सेदारी हासिल कर ली है। लग्जरी EVs पर फिलहाल सिर्फ 5% GST लगता है, जबकि पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाली लग्जरी कारों पर 28% GST और सेस देना पड़ता है।
हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए:
- टैक्स में बदलाव: अगर सरकार ने लग्जरी EVs पर टैक्स रेट बढ़ाया, तो डिमांड पर असर पड़ सकता है।
- करेंसी और जियोपॉलिटिक्स: यूरो के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव के चलते कई कंपनियों को कीमतों में इजाफा करना पड़ा है।
आने वाले समय में, सप्लाई-चेन मैनेजमेंट और नई सरकारी पॉलिसी ही इस ग्रोथ को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
