साल 2026 के पहले नौ महीनों में भारत में लग्जरी कारों की बिक्री **38,000** यूनिट्स तक पहुंच गई है। इलेक्ट्रिक मॉडल्स के प्रति ग्राहकों की बढ़ती रुचि इस तेजी का मुख्य इंजन है, हालांकि सप्लाई चेन में रुकावटें डिलीवरी में देरी का कारण बनी हुई हैं।
भारत के लग्जरी ऑटोमोबाइल मार्केट में साल 2026 के शुरुआती नौ महीनों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। डेटा के मुताबिक, जनवरी से सितंबर के बीच करीब 38,000 लग्जरी गाड़ियां बिकी हैं, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 10% ज्यादा है।
Mercedes-Benz और BMW का दबदबा
इस दौरान Mercedes-Benz India ने रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 15,190 यूनिट्स बेचीं, जो पिछले साल के मुकाबले 8% अधिक है। कंपनी ने सितंबर तिमाही में 5,422 गाड़ियों की बिक्री के साथ अपना अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वहीं, BMW India की बात करें तो कंपनी की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की हिस्सेदारी 26% रही। Mercedes-Benz के इलेक्ट्रिक मॉडल्स की बिक्री में भी 16% का उछाल दर्ज किया गया है, जो यह दिखाता है कि अब ग्राहक पारंपरिक ईंधन के बजाय क्लीन एनर्जी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
चुनौती और रिस्क
अच्छे सेल्स नंबर्स के बावजूद, कंपनियों को सप्लाई चेन की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पॉपुलर 'CLA Electric' मॉडल की भारी मांग के कारण बैकलाग बढ़ा है और डिलीवरी अप्रैल 2027 तक खिंच गई है। इसके अलावा, यूरो के मुकाबले रुपये में कमजोरी ने कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ाया है, जिसके चलते कई मॉडल्स के दाम 3% से 4% तक बढ़ा दिए गए हैं। फिलहाल डिमांड बरकरार है, लेकिन सप्लाई की यह बाधा और बढ़ती कीमतें आने वाले समय में प्रॉफिट मार्जिन पर असर डाल सकती हैं।
