Electric Three-Wheeler Sales: ई-रिक्शा की धूम! बिक्री में **40%** का उछाल, मार्केट पर **64.9%** कब्जा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Electric Three-Wheeler Sales: ई-रिक्शा की धूम! बिक्री में **40%** का उछाल, मार्केट पर **64.9%** कब्जा

भारत में इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेक्टर ने सितंबर 2026 में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। रिटेल सेल्स **86,024** यूनिट्स तक पहुंच गई है, जिससे इलेक्ट्रिक मॉडल्स ने मार्केट का **64.9%** हिस्सा अपने नाम कर लिया है।

भारत में इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेगमेंट का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में इस कैटेगरी की रिटेल सेल्स सालाना आधार पर 40% बढ़कर 86,024 यूनिट्स हो गई है। पिछले साल इसी महीने में यह हिस्सेदारी 56.7% थी, जो अब बढ़कर 64.9% तक पहुंच गई है।

कमर्शियल डिमांड की असली वजह

इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की इस तेजी के पीछे का मुख्य कारण 'ऑपरेशनल इकोनॉमिक्स' है। कमर्शियल ड्राइवर अब डीजल या पेट्रोल के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि इनका मेंटेनेंस और फ्यूल खर्च काफी कम है। Bajaj Auto और Mahindra & Mahindra जैसी कंपनियां इस बढ़ती डिमांड को भुनाने के लिए अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही हैं।

क्या है बड़ी चुनौती?

बाजार में 64.9% हिस्सेदारी हासिल करने के बाद, अब सेक्टर एक नए दौर में है। आसान ग्रोथ का दौर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और अब कंपनियों का फोकस 'रिप्लेसमेंट डिमांड' पर होगा। इसके अलावा, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में CNG वाहनों से इलेक्ट्रिक सेगमेंट को कड़ी टक्कर मिल रही है। वहां मौजूद मजबूत CNG इन्फ्रास्ट्रक्चर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

इन्वेस्टर्स के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनियां कैसे सरकारी सब्सिडी के भरोसे से हटकर ऑर्गेनिक ग्रोथ पर शिफ्ट होती हैं। भविष्य में मुनाफा बनाए रखने के लिए बैटरी की परफॉरमेंस, व्हीकल की मजबूती और बेहतर सर्विस नेटवर्क का होना कंपनियों के लिए अनिवार्य होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.