Electric Scooter Sales: भारत में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, ई-स्कूटर मार्केट में TVS और Bajaj का जलवा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Electric Scooter Sales: भारत में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, ई-स्कूटर मार्केट में TVS और Bajaj का जलवा

भारत के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट ने सितंबर 2026 में **2.07 लाख** यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है। फेस्टिव डिमांड और PM E-DRIVE सब्सिडी के दम पर आई इस तेजी में TVS Motor और Bajaj Auto जैसे दिग्गजों का कब्जा है, जो निवेशकों के लिए बड़ा संकेत है।

भारत के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट ने सितंबर 2026 में एक नया इतिहास रचते हुए 2.07 लाख रिटेल रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा पार कर लिया है। यह आंकड़े पिछले साल के मुकाबले लगभग 89% की जबरदस्त ग्रोथ को दर्शाते हैं। हालांकि, पूरे टू-व्हीलर मार्केट में इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ (Penetration) अभी 11.6% के आसपास है, जो दिखाता है कि अभी भी पेट्रोल स्कूटर्स का बड़ा दबदबा है, लेकिन इलेक्ट्रिक सेगमेंट तेजी से अपनी जगह बना रहा है।

दिग्गज कंपनियों का दबदबा

इस ग्रोथ में सबसे खास बात पुरानी और स्थापित कंपनियों का बोलबाला है। TVS Motor Company और Bajaj Auto ने मिलकर कुल मार्केट के लगभग 50% हिस्से पर कब्जा जमाया हुआ है। सितंबर में TVS Motor ने 54,000 से ज्यादा गाड़ियां बेचीं, जबकि Bajaj Auto ने भी अपनी प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाकर 48,000 यूनिट्स के करीब आंकड़ा छुआ है। ग्राहक अब उन ब्रांड्स को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं जिनका सर्विस नेटवर्क मजबूत है। इनके अलावा Hero MotoCorp (Vida) और Ather Energy भी प्रतिस्पर्धा में डटी हुई हैं।

सब्सिडी और डिमांड का असर

बिक्री में आए इस उछाल की बड़ी वजह PM E-DRIVE सब्सिडी है, जिससे ग्राहकों को गाड़ी सस्ती मिल रही है। फेस्टिव सीजन के दौरान मिली इस सरकारी मदद ने पेट्रोल और इलेक्ट्रिक स्कूटर के बीच कीमत के अंतर को कम कर दिया है, जिससे शहरी खरीदार तेजी से इलेक्ट्रिक की ओर रुख कर रहे हैं।

निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks)

बाजार में जोश तो है, लेकिन निवेशकों को कुछ जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए:

  • सब्सिडी पर निर्भरता: सरकार की सब्सिडी नीतियों में कोई भी बदलाव डिमांड को सीधे प्रभावित कर सकता है।
  • इन्वेंट्री का दबाव: डीलर्स के पास स्टॉक का लेवल काफी ऊंचा है। अगर त्योहारी सीजन के बाद सेल्स की रफ्तार धीमी पड़ी, तो मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
  • प्राइस वॉर: कंपनियों के बीच जारी गलाकाट प्रतिस्पर्धा भविष्य में मुनाफे को प्रभावित कर सकती है।

फेस्टिव सीजन के बाद डिमांड बनी रहती है या नहीं, यह देखना निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.