जुलाई में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बिक्री में 66% से ज्यादा की जोरदार उछाल आई है। कुल बिक्री **3.3 लाख** यूनिट्स के पार पहुंच गई, जिसमें इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री पहली बार **2 लाख** यूनिट्स के आंकड़े को पार कर गई।
इलेक्ट्रिक वाहनों की धूम!
जुलाई 2026 में भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार ने एक नया कीर्तिमान रचा है। सभी कैटेगरी को मिलाकर कुल 3.3 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 66% से ज्यादा की बढ़ोतरी है। यह जून में दर्ज 3.1 लाख यूनिट्स से भी अच्छी रफ्तार दिखा रहा है।
टू-व्हीलर सेगमेंट में ऐतिहासिकThe biggest driver of this growth has been the electric two-wheeler segment, which crossed the 2 lakh monthly registration mark for the first time ever. Sales reached 2,04,201 units in July, up from 1.95 lakh in June and a massive jump from 1.1 lakh units in July last year. This segment now makes up 11.2% of all two-wheeler sales in India. The average monthly sales for electric two-wheelers have reached about 1.7 lakh units so far in 2026.
कंपनियों के बीच कड़ी टक्कर
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में टॉप पोजिशन के लिए कंपनियों में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। TVS Motor 55,465 यूनिट्स की बिक्री के साथ पहले स्थान पर रही, जो जून के 47,418 यूनिट्स से ज्यादा है। Bajaj Auto 45,562 चेतक यूनिट्स के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि Ather Energy ने 30,317 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की। Hero MotoCorp के Vida ब्रांड की बिक्री बढ़कर 22,883 यूनिट्स हो गई, वहीं Ola Electric की बिक्री जून के 16,249 यूनिट्स से घटकर 14,102 यूनिट्स रह गई।
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में मामूली नरमी
इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में बिक्री थोड़ी कम हुई है। जुलाई में 32,660 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो जून के 33,441 यूनिट्स से थोड़ी कम है। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले यह आंकड़ा अभी भी काफी बेहतर है। Tata Motors इस सेगमेंट में अपनी लीड बनाए हुए है, जिसकी बिक्री जून के 12,766 यूनिट्स से बढ़कर जुलाई में 13,568 यूनिट्स हो गई।
निवेशकों के लिए खास बात
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों के लिए अपनी मार्केट हिस्सेदारी बनाए रखने और कीमतों पर नियंत्रण रखना एक बड़ी चुनौती होगी। साथ ही, सरकार की सब्सिडी नीतियों में बदलाव और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास भी इस सेक्टर के भविष्य पर असर डाल सकता है।
