ईवी की बहार या आफत? पेट्रोल-डीजल की महंगाई से EV सेल्स में 42% उछाल, पर सब्सिडी का 'सब्र' खत्म होने का डर!

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AuthorNeha Patil|Published at:
ईवी की बहार या आफत? पेट्रोल-डीजल की महंगाई से EV सेल्स में 42% उछाल, पर सब्सिडी का 'सब्र' खत्म होने का डर!
Overview

ईवी (EV) सेक्टर के लिए अच्छी खबर है, मई 2026 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) की बिक्री **42%** बढ़कर **1,49,509** यूनिट्स पर पहुंच गई। इसकी बड़ी वजह है वेस्ट एशिया में छिड़े तनाव के चलते पेट्रोल-डीजल के दामों में आई तेजी। TVS Motor और Bajaj Auto जैसी बड़ी कंपनियां इसका फायदा उठा रही हैं, लेकिन PM E-Drive सब्सिडी प्रोग्राम के फंड खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है।

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पेट्रोल-डीजल की आग से EV को राहत?

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) की बिक्री में 42% की ये शानदार बढ़ोतरी किसी प्रोडक्ट के जादू से नहीं, बल्कि एनर्जी मार्केट में आई उठापटक का सीधा नतीजा है। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा, जिससे मई के मध्य तक पेट्रोल और डीजल के दाम घरेलू बाजार में कम से कम ₹3 प्रति लीटर तक बढ़ गए, वहीं सीएनजी (CNG) के दाम ₹2 प्रति किलो तक उछल गए।

इस महंगाई ने खासकर रोज़ाना आने-जाने वाले लोगों और गिग इकॉनमी (gig economy) पर सीधा असर डाला। नतीजतन, इलेक्ट्रिक गाड़ियों के टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप (TCO) का गणित अचानक महंगा हो गया, जिससे इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर लोगों का झुकाव बढ़ा। यह ईवी (EV) निर्माताओं के लिए एक बड़ा मौका बनकर उभरा है, खासकर उनके लिए जो प्रोडक्शन बढ़ाने में सक्षम हैं।

मार्केट में बड़ी कंपनियों का दबदबा

फिलहाल, पुरानी और जानी-मानी कंपनियां इस सेक्टर पर हावी हैं। वे अपने पुराने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का इस्तेमाल करके नई ईवी (EV) स्टार्टअप्स को पीछे छोड़ रही हैं। TVS Motor अभी भी 25% मार्केट शेयर के साथ लीड कर रही है, हालांकि उसकी ग्रोथ को कड़ी टक्कर मिल रही है।

Bajaj Auto सबसे आक्रामक चैलेंजर बनकर उभरी है। अपने Chetak प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके वह लगातार TVS Motor के करीब पहुंच रही है। कंपनी की प्रोडक्शन को लगातार बनाए रखने की क्षमता ने इसे निवेशकों के बीच पसंदीदा बना दिया है, जो ई2डब्ल्यू (E2W) ट्रांज़िशन में निवेश तो करना चाहते हैं, लेकिन युवा और घाटे में चल रही कंपनियों के रिस्क से बचना चाहते हैं।

Ather Energy 17% मार्केट शेयर के साथ अपनी जगह बनाए हुए है, लेकिन उसे लगातार प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके नेगेटिव रिटर्न ऑन इक्विटी (return on equity) और लगातार तिमाही नुकसान इसी ओर इशारा करते हैं।

सबसे बड़ा खतरा: सब्सिडी का खत्म होना

फिलहाल, ईवी (EV) सेक्टर की ग्रोथ एक नाजुक नींव पर टिकी है – वो है PM E-Drive सब्सिडी प्रोग्राम। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 23.5 लाख से ज्यादा गाड़ियों को सब्सिडी मिल चुकी है, जो प्रोग्राम के कुल 24.7 लाख यूनिट्स के टारगेट के काफी करीब है।

हालांकि इस स्कीम को जुलाई तक बढ़ाया गया है, लेकिन इसके फंड्स का खत्म होना सेक्टर के लिए एक बड़ा स्ट्रक्चरल खतरा (structural threat) पैदा करता है। साल 2025 के आंकड़े एक चेतावनी देते हैं: जब सरकारी इंसेंटिव्स (incentives) को पहले कम किया गया था, तो सेक्टर की ग्रोथ अचानक बहुत धीमी पड़ गई थी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इलेक्ट्रिक और पेट्रोल/डीजल गाड़ियों के बीच दाम का अंतर आम खरीदारों के लिए बहुत ज्यादा हो गया था।

वैल्यूएशन और सस्टेनेबिलिटी पर सवाल

निवेशक फिलहाल ऊंची ग्रोथ की उम्मीद लगा रहे हैं, जो शायद सस्टेनेबल (sustainable) न हो, खासकर अगर सरकारी मदद बंद हो जाए। TVS Motor का वैल्यूएशन काफी ज्यादा है, जिसका P/E रेश्यो (P/E ratio) करीब 58x के पास है। वहीं, Bajaj Auto का वैल्यूएशन लगभग 28x पर ज्यादा वाजिब लगता है।

दूसरी ओर, Ola Electric जैसी कंपनियां अभी भी नेगेटिव अर्निंग्स (negative earnings) से जूझ रही हैं, जिससे सेक्टर में वैल्यूएशन को लेकर बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। अगर आने वाली तिमाहियों में वाहन निर्माता (OEMs) अपनी प्रोडक्शन कॉस्ट (cost) में भारी कमी नहीं ला पाते, तो सरकार पर निर्भरता का मतलब है कि यह सेक्टर एक हाई-स्टेक्स कंसॉलिडेशन (consolidation) फेज में प्रवेश कर रहा है, जहां मार्केट शेयर हासिल करना महंगा और बनाए रखना मुश्किल साबित हो सकता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.