भारत में EV की तूफानी बिक्री! FY26 में **24.6%** का उछाल, पैसेंजर कारें **2 लाख** के करीब

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AuthorNeha Patil|Published at:
भारत में EV की तूफानी बिक्री! FY26 में **24.6%** का उछाल, पैसेंजर कारें **2 लाख** के करीब
Overview

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बिक्री ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में रिकॉर्ड **24.52 लाख** यूनिट्स का आंकड़ा पार कर लिया है, जो पिछले साल की तुलना में **24.6%** की मजबूत बढ़ोतरी है। इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट में **83.63%** की प्रभावशाली वृद्धि देखी गई, जिसने **199,923** यूनिट्स के साथ **200,000** यूनिट्स के माइलस्टोन को लगभग छू लिया।

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भारत में EV की बंपर बिक्री: FY26 में 24.6% की रफ्तार

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बाजार फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में 24.6% की सालाना बढ़ोतरी के साथ 24.52 लाख यूनिट्स के पार चला गया है। यह ज़बरदस्त वृद्धि विभिन्न वाहन कैटेगरी में मजबूत कंज्यूमर डिमांड, सरकारी सपोर्ट और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस को दर्शाती है।

पैसेंजर कारें 2 लाख यूनिट्स के करीब

इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई। FY26 में इसमें 83.63% की तेजी आई और बिक्री 199,923 यूनिट्स तक पहुंच गई। हालांकि, यह 200,000 यूनिट्स के माइलस्टोन से मामूली अंतर से चूक गई, पर कंज्यूमर की दिलचस्पी साफ दिखती है। Tata Motors 78,811 यूनिट्स के साथ बिक्री में सबसे आगे रही, लेकिन उसका मार्केट शेयर 53.4% से घटकर 39.2% हो गया। JSW MG Motor India 53,089 यूनिट्स ( 26.4% शेयर) के साथ दूसरे नंबर पर रही, और Mahindra & Mahindra ने 42,721 यूनिट्स के साथ अपना शेयर काफी बढ़ाकर 21.2% कर लिया। इससे पता चलता है कि मार्केट अब ज्यादा कॉम्पिटिटिव हो रहा है, और EV PVs अब कुल PV बिक्री का 4.25% हिस्सा बन गए हैं।

दोपहिया सबसे आगे, तिपहिया की पैठ दमदार

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन (e-2W) सबसे ज्यादा बिकने वाले सेगमेंट बने रहे, जिसमें 21.81% की बढ़ोतरी के साथ 14,01,818 यूनिट्स की बिक्री हुई। इसमें TVS Motor (341,513 यूनिट्स), Bajaj Auto (289,349 यूनिट्स) और Ather Energy (239,178 यूनिट्स) जैसे बड़े खिलाड़ी शामिल हैं। e-2W सेगमेंट में EV की पैठ बढ़कर 6.54% हो गई। इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों (e-3W) की 830,818 यूनिट्स बिकीं और इन्होंने 60.9% की EV पैठ दर हासिल की। इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों (e-CVs) ने 120.57% की सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की, 19,454 यूनिट्स बेचीं और इनकी EV पैठ दर लगभग दोगुनी होकर 1.83% हो गई।

इंफ्रा, मार्जिन और कॉम्पिटिशन की चुनौतियां

बिक्री मजबूत होने के बावजूद चुनौतियां बनी हुई हैं। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का वितरण असमान है, खासकर बड़े शहरों के बाहर। हाई चार्जर कॉस्ट और विश्वसनीयता की चिंताएं रेंज एंजाइटी पैदा कर सकती हैं। मैन्युफैक्चरर्स को बढ़ती सामग्री लागत (जैसे स्टील, एल्युमिनियम) के कारण मार्जिन पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जिससे Maruti Suzuki और Hyundai जैसी कंपनियां कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। खासकर दोपहिया सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा स्थापित ब्रांडों जैसे TVS Motor और Bajaj Auto के पक्ष में है। बदलते सरकारी इंसेंटिव मार्केट-ड्रिवन ग्रोथ को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे अफोर्डेबिलिटी और प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, इंटरनल कम्बस्चन इंजन (ICE) गाड़ियां बिक्री पर हावी हैं और मजबूत ग्रोथ दिखा रही हैं, खासकर पैसेंजर कार मार्केट में।

आगे का आउटलुक: लगातार विस्तार जारी

विश्लेषकों को उम्मीद है कि भारत का EV मार्केट 2027 तक 35-40% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) के साथ तेजी से बढ़ता रहेगा। तब तक EVs नई वाहन बिक्री का 10-15% हिस्सा हो सकती हैं। FY27 में ऑटो सेक्टर की कुल ग्रोथ भले ही धीमी हो, लेकिन EV पॉलिसी और टेक्नोलॉजी के बूते एक बड़े ग्रोथ इंजन बने रहेंगे। भारत का एनर्जी सिक्योरिटी पर फोकस, नए मॉडल्स की बढ़ती संख्या और चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार जारी रहने का संकेत दे रहा है, हालांकि मैन्युफैक्चरर्स को कॉम्पिटिशन और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को मैनेज करना होगा।

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