भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट ने अक्टूबर महीने में **3,54,000** यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है। इस शानदार ग्रोथ के पीछे टू-व्हीलर सेगमेंट की बड़ी भूमिका रही है, हालांकि पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में फेस्टिवल सीजन के बाद हल्की सुस्ती देखी गई है।
भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर के लिए अक्टूबर 2026 ऐतिहासिक रहा है। वाहन (Vahan) डैशबोर्ड के डेटा के मुताबिक, यह लगातार पांचवां महीना है जब रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 3,00,000 के पार रहा है।
टू-व्हीलर सेगमेंट का दबदबा
इस तूफानी तेजी के पीछे इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) सेगमेंट का हाथ है, जिसने अकेले 2,24,000 यूनिट्स का योगदान दिया। टीवीएस मोटर (TVS Motor) ने तो इस महीने 60,429 यूनिट्स की अपनी अब तक की सबसे अधिक डिलीवरी की है। बेहतर फाइनेंसिंग विकल्प और ज्यादा मॉडल्स की उपलब्धता के कारण आम ग्राहकों में ई-स्कूटर्स का क्रेज लगातार बढ़ रहा है।
पैसेंजर व्हीकल की क्या स्थिति?
इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट में मिला-जुला असर दिखा है। सालाना आधार पर तो इसमें 75% की शानदार बढ़ोतरी हुई, लेकिन सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में बिक्री 4% घटी है। टाटा मोटर्स (Tata Motors) का मार्केट शेयर इस सेगमेंट में लगभग 40.7% बना हुआ है।
निवेशकों के लिए चेतावनी और चुनौतियां
वॉल्यूम में भारी उछाल के बावजूद, कई कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बना हुआ है क्योंकि विस्तार और बैटरी टेक्नोलॉजी पर बहुत ज्यादा खर्च हो रहा है। इसके अलावा, बैटरी सेल्स का आयात करना कंपनियों को करेंसी उतार-चढ़ाव और ग्लोबल सप्लाई चेन के रिस्क में डालता है। अभी भी ₹10 लाख से कम कीमत वाली मास-मार्केट कारों की कमी है, जो इंडस्ट्री की अगली बड़ी चुनौती है।
अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनियां डिस्काउंट के बिना भी इस सेल्स मोमेंटम को बनाए रख पाएंगी। अगली तिमाही के रिजल्ट्स यह साफ करेंगे कि बढ़ती बिक्री का असर कंपनियों के कैश फ्लो पर कितना पड़ रहा है।
