भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों का क्रेज बढ़ रहा है। अगस्त 2026 में कुल **30,325** यूनिट्स रजिस्टर हुईं, जो पिछले साल के मुकाबले **50%** ज्यादा हैं। हालांकि, फेस्टिव सीजन के इंतजार में ग्राहकों की सुस्ती के चलते मंथ-ऑन-मंथ आधार पर बिक्री में **12%** की गिरावट देखी गई है।
मार्केट लीडर्स का जलवा
इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में दिग्गज कंपनियां अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए हैं। Tata Motors ने अगस्त में 12,983 रजिस्ट्रेशन दर्ज किए, जो पिछले साल के मुकाबले 61% ज्यादा हैं। वहीं, Mahindra & Mahindra ने 6,367 रजिस्ट्रेशन के साथ 68% की शानदार सालाना ग्रोथ दिखाई है। नई कंपनी VinFast ने भी सबको चौंकाते हुए पिछले महीने के मुकाबले 44% की बढ़त हासिल की है। हालांकि, JSW MG Motor India के लिए यह महीना थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा, जहां साल-दर-साल आधार पर 19% की गिरावट देखी गई।
क्यों घटी मंथली बिक्री?
अगस्त में मंथ-ऑन-मंथ 12% की गिरावट के पीछे मुख्य कारण त्योहारों का इंतजार है। भारतीय ग्राहक अक्सर बड़े फैसले फेस्टिव सीजन के डिस्काउंट ऑफर्स को ध्यान में रखकर लेते हैं। इसके अलावा, 1 सितंबर 2026 से लागू हुई नई लोकलाइजेशन नॉर्म्स (localization norms) ने भी ऑटो कंपनियों की स्ट्रैटेजी को प्रभावित किया है। साथ ही, Tata Motors ने अपने चुनिंदा मॉडल्स की कीमतों में ₹25,000 तक का इजाफा किया है, जिसे निवेशक इनपुट कॉस्ट मैनेजमेंट के नजरिए से देख रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
फिलहाल पूरी इंडस्ट्री सप्लाय चेन की अस्थिरता और ऑर्डर बैकक्लॉग से जूझ रही है। आने वाले महीनों में फेस्टिव सीजन की डिमांड और बढ़ती लागत के बीच कंपनियां अपने मार्जिन को कैसे प्रोटेक्ट करती हैं, यह शेयर की चाल तय करने में सबसे महत्वपूर्ण होगा।
