Electric Vehicles: अक्टूबर 2026 में EV सेल्स ने भरी रफ्तार, बिक्री लगभग दोगुनी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Electric Vehicles: अक्टूबर 2026 में EV सेल्स ने भरी रफ्तार, बिक्री लगभग दोगुनी

भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा गया है। अक्टूबर 2026 में कुल **35,777** गाड़ियां रजिस्टर हुईं, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा **18,055** था। अब कुल सेल्स में EVs की हिस्सेदारी **7%** तक पहुंच चुकी है।

भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट के लिए अक्टूबर का महीना बेहद शानदार रहा। आंकड़ों के मुताबिक, पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 35,777 तक पहुंच गया है, जो पिछले साल के 18,055 के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की पैठ अब बढ़कर 7% हो गई है, जो पिछले साल मात्र 3.2% थी। वहीं, टू-व्हीलर सेगमेंट में भी रौनक रही, जहां 223,847 रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए, जो पिछले साल के मुकाबले 48% की बढ़त को दर्शाता है।

कंपनियों के बीच बढ़ती जंग

इस सेगमेंट में घरेलू कंपनियों का दबदबा बरकरार है। Tata Motors 40.7% मार्केट शेयर के साथ अभी भी लीडर बनी हुई है, जबकि Mahindra & Mahindra 23.7% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है। इनके अलावा JSW MG Motor India की हिस्सेदारी 16.4%, VinFast की 7.2% और Maruti Suzuki की 3.3% रही है।

EV को अपनाने के पीछे पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और पब्लिक चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार मुख्य वजहें हैं। साथ ही, कंपनियों द्वारा लगातार नए मॉडल्स लॉन्च करने से ग्राहकों को चुनने के लिए कई बेहतरीन विकल्प मिल रहे हैं।

मुनाफा और चुनौतियां

तेजी के बावजूद सेक्टर के सामने कुछ बड़ी चुनौतियां हैं। सप्लाई चेन में अड़चनें कंपनियों के प्रोडक्शन और डिलीवरी टाइम को प्रभावित कर रही हैं, जिससे डिमांड के बावजूद रेवेन्यू ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, EV बैटरी में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन पर दबाव बना रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कंपनियां बढ़ती लागत और प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी प्रॉफिटेबिलिटी को कैसे बरकरार रखती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.