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Indian Auto Sector: FY27 की पहली तिमाही में सुस्ती के आसार, सप्लाई चेन और बढ़ती लागत बन रही चिंता

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Auto Sector: FY27 की पहली तिमाही में सुस्ती के आसार, सप्लाई चेन और बढ़ती लागत बन रही चिंता
Overview

भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) की पहली तिमाही (Q1) थोड़ी चुनौतीपूर्ण रह सकती है। सप्लाई चेन में दिक्कतें और लागत में बढ़ोतरी की आशंकाओं के बीच एनालिस्ट्स FY27 के लिए ग्रोथ के अनुमानों को कम कर रहे हैं।

सप्लाई चेन में बढ़ सकती हैं मुश्किलें

FY27 की शुरुआत में ऑटो इंडस्ट्री को प्रोडक्शन में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। एनालिस्ट्स का मानना है कि छोटे सप्लायर्स के बंद होने, एनर्जी कॉस्ट बढ़ने और महत्वपूर्ण रॉ-मटेरियल की सप्लाई में रिस्क जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। खास तौर पर, BS6 कमर्शियल व्हीकल्स के लिए जरूरी AdBlue की सप्लाई में रुकावटें, जियो-पॉलिटिकल तनावों के चलते रोड ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री के लिए और परेशानी खड़ी कर सकती हैं।

FY27 के लिए ग्रोथ फोरकास्ट में कटौती

रेटिंग एजेंसी Crisil ने FY27 के लिए विभिन्न ऑटो सेगमेंट्स के ग्रोथ फोरकास्ट को 2% तक घटा दिया है। यह मौजूदा मजबूत ग्रोथ साइकिल में एक महत्वपूर्ण मंदी का संकेत दे रहा है। अब पैसेंजर व्हीकल (PV) सेल्स FY27 में 3-5% बढ़कर लगभग 4.8-4.9 मिलियन यूनिट्स रहने का अनुमान है, जो पहले के 5-7% के अनुमान से कम है। टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर की ग्रोथ भी पहले के हाई सिंगल-डिजिट फोरकास्ट से घटकर 5-7% रहने की उम्मीद है।

मंदी के बावजूद EV और प्रीमियम गाड़ियां आगे

FY26 एक मजबूत क्लोजिंग की ओर बढ़ रहा है, जो मार्केट रिकवरी और सरकारी नीतियों का सहारा ले रहा है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) ग्रोथ को लीड कर रहे हैं। PV EVs में FY26 में लगभग 70% और थ्री-व्हीलर EVs में 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी का अनुमान है। पैसेंजर व्हीकल्स सेगमेंट में प्रीमियमाइजेशन का ट्रेंड भी दिख रहा है, जहां खरीदार बढ़िया फीचर्स वाली गाड़ियों को पसंद कर रहे हैं। SUV सेगमेंट की ग्रोथ भले ही धीमी हुई हो, पर वह अभी भी हावी है। वहीं, अर्बन पार्किंग की दिक्कत और GST एडजस्टमेंट के कारण हैचबैक अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की उम्मीद है।

एक्सपर्ट्स की नजर में Q1 FY27 एक 'स्ट्रेस टेस्ट'

CRISIL की सीनियर प्रैक्टिस लीडर, Hemal Thakkar का कहना है कि FY27 में ग्रोथ चुनौतीपूर्ण रह सकती है, क्योंकि पिछला बेस ईयर काफी मजबूत था और सप्लाई की दिक्कतें भी हैं। Nomura में ऑटोमोटिव रिटेल कंसल्टिंग के हेड, Harshvardhan Sharma ने Q1 FY27 को इंडस्ट्री के लिए एक संभावित 'स्ट्रेस टेस्ट' बताया है। उनका अनुमान है कि यह मंदी, नई सप्लाई इश्यू और कमजोर कंज्यूमर सेंटीमेंट का मिला-जुला दौर हो सकता है, खासकर अगर जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितता जारी रहती है। वह इसे 'विनाश' के बजाय एक 'रीसेट' के रूप में देख रहे हैं।

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