पॉलिसी का असर: ऑटो सेक्टर में रिकॉर्ड उछाल
भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट ने 2026 की शुरुआत ज़बरदस्त तरीके से की है। जनवरी 2026 में पैसेंजर व्हीकल (PV) की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 12.5% का इज़ाफ़ा हुआ, जो 456,000 यूनिट से ज़्यादा रही। यह लगातार चौथा महीना है जब ऑटो सेक्टर में डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई है। इस बंपर ग्रोथ का सबसे बड़ा श्रेय GST में की गई कटौती को जाता है, जिसने कंपनियों को कीमतें कम करने में मदद की। इससे कंज्यूमर की खरीदारी में ज़बरदस्त तेज़ी आई और बिक्री पिछले साल के दिसंबर महीने के मुकाबले 14% बढ़ गई।
डिमांड में लगातार तेज़ी और कंपनियों का प्रदर्शन
जनवरी 2026 में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में इज़ाफ़ा, अक्टूबर (17%), नवंबर (19%) और दिसंबर (27%) की शानदार ग्रोथ के बाद भी जारी रहा। भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता Maruti Suzuki की बुकिंग में 25% की भारी बढ़ोतरी हुई, हालांकि कंपनी की यूनिट बिक्री में मामूली 0.5% का इजाफा हुआ और यह 174,529 यूनिट रही। कंपनी के सेल्स हेड ने कहा कि प्रोडक्शन को मैनेज किया जा रहा है ताकि ग्राहकों को ज़्यादा इंतज़ार न करना पड़े। Maruti Suzuki का मार्केट कैप लगभग ₹4.5 ट्रिलियन और P/E रेश्यो करीब 35x है।
वहीं, Hyundai Motor India ने अपनी अब तक की सबसे ज़्यादा मंथली सेल्स दर्ज की, जिसमें 9.5% की ग्रोथ के साथ 59,107 व्हीकल बिके। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर ने वित्त वर्ष 2027 के लिए डोमेस्टिक पैसेंजर व्हीकल सेल्स में 5-6% ग्रोथ का अनुमान जताया है।
घरेलू कंपनियों Tata Motors और Mahindra & Mahindra (M&M) ने भी शानदार प्रदर्शन किया। Tata Motors की सेल्स 46% बढ़ी, जबकि M&M ने 25% का इजाफा दर्ज किया। M&M के लिए XUV7XO और XEV 9S मॉडल ज़बरदस्त हिट रहे, जिनकी बुकिंग पहले चार घंटों में ही ₹20,500 करोड़ पार कर गई। M&M का मार्केट कैप करीब ₹2.5 ट्रिलियन और P/E 22x है, जबकि Tata Motors का वैल्यूएशन लगभग ₹2.1 ट्रिलियन और P/E 18x है।
Toyota Kirloskar Motor ने भी 17% की बढ़ोतरी के साथ 30,630 यूनिट्स बेचीं।
टू-व्हीलर, कमर्शियल और फार्म सेगमेंट में भी बूम
टू-व्हीलर सेगमेंट में भी डिमांड ज़बरदस्त रही। Hero MotoCorp की सेल्स 26% बढ़कर 520,208 यूनिट्स पर पहुंच गई, TVS Motor में 30% की उछाल के साथ 383,262 यूनिट्स बिकीं, और Royal Enfield (Eicher Motors का हिस्सा) ने 16% बढ़कर 93,781 यूनिट्स बेचीं। Eicher Motors का मार्केट कैप करीब ₹1.0 ट्रिलियन और P/E 40x है।
कमर्शियल व्हीकल (CV) सेक्टर में भी Tata Motors की सेल्स 29% बढ़कर 38,844 यूनिट्स रही, और Eicher ब्रांड के ट्रक्स और बसों की बिक्री में 24% का इज़ाफ़ा हुआ।
फार्म इक्विपमेंट यानी ट्रैक्टर सेगमेंट की शुरुआत भी अच्छी रही। Mahindra ने 46% की उछाल के साथ 38,484 ट्रैक्टर बेचे।
बाज़ार की चाल और भविष्य का अनुमान
यह ब्रॉड-बेस्ड ग्रोथ दिखाती है कि भारतीय कंज्यूमर्स और बिज़नेस के लिए इकोनॉमिक माहौल काफी मज़बूत है। भारतीय ऑटो कंपनियां कई ग्लोबल कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं, जो अलग-अलग आर्थिक हालातों का सामना कर रही हैं। भारत सरकार के बजट 2026 को भी मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर खर्च को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है, जो ऑटो इंडस्ट्री के लिए आने वाले वित्त वर्ष 2027 के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है। इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार डिमांड और नए प्रोडक्ट्स की वजह से यह पॉजिटिव ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा।