GST का कमाल, SUV की डिमांड'
साल 2026 के फरवरी महीने में भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर ने एक बार फिर दमदार परफॉरमेंस दिखाई है। पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट में 11% की जबरदस्त ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखी गई, जिसके बाद कुल बिक्री लगभग 4.20 लाख से 4.25 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई। इस शानदार उछाल के पीछे मुख्य वजह स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (SUV) की लगातार बढ़ती डिमांड और सितंबर 2025 में लागू हुए GST रेट्स में कटौती का असर है, जिसने गाड़ियों को ग्राहकों के लिए और भी किफायती बना दिया है।
कंपनियों की बंपर सेल
इस दौरान प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अपनी सेल्स में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। Tata Motors की कुल बिक्री 35% बढ़कर 63,331 यूनिट्स पर पहुंच गई। वहीं, Hyundai Motor India ने फरवरी में अब तक की सबसे ज्यादा 66,134 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल के मुकाबले 12.6% ज्यादा है। Toyota Kirloskar Motor की बिक्री 20% बढ़कर 34,034 यूनिट्स रही, जबकि Kia India ने 10.3% की बढ़ोतरी के साथ रिकॉर्ड 27,610 यूनिट्स बेचीं।
Maruti Suzuki India Limited (MSIL) के डोमेस्टिक डिस्पेच में भले ही 174,840 यूनिट्स के साथ मामूली बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन कंपनी की कुल बिक्री 7.31% बढ़कर 213,995 यूनिट्स हो गई। MSIL की इस ग्रोथ में एक्सपोर्ट (निर्यात) की 56.48% की बंपर उछाल का बड़ा योगदान रहा। फरवरी 2026 में ओवरऑल रिटेल सेल्स में 25% से 36% तक की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ का अनुमान है।
SUV का जलवा और EV की बढ़ती रफ्तार
ऑटो मार्केट में SUVs का दबदबा लगातार बढ़ रहा है, जो छोटे सेगमेंट की गाड़ियों से काफी बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। कंज्यूमर की पसंद में यह बदलाव साफ दिख रहा है। दूसरी तरफ, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट भी रफ्तार पकड़ रहा है। Tata Motors ने EV बिक्री में 57% की शानदार ग्रोथ दर्ज की, जो 8,385 यूनिट्स तक पहुंच गई।
सितंबर 2025 में हुए GST 2.0 रिफॉर्म्स ने टैक्स स्ट्रक्चर को आसान बनाया और खासकर एंट्री-लेवल गाड़ियों की कीमतें कम कीं, जिसका सीधा फायदा अक्टूबर 2025 के बाद से डिमांड रिकवरी के रूप में देखने को मिला है।
क्या ग्रोथ जारी रहेगी? एनालिस्ट्स की राय
हालांकि, फरवरी के ये आंकड़े उत्साहजनक हैं, लेकिन कुछ एनालिस्ट्स इस ग्रोथ की लंबी अवधि की स्थिरता पर सवाल उठा रहे हैं। खासकर GST कट और डिस्काउंट्स के तत्काल प्रभाव के बाद। Maruti Suzuki की डोमेस्टिक सेल्स में स्थिरता एक संकेत हो सकती है कि उनके मुख्य सेगमेंट में ग्रोथ थम रही है।
वैल्यूएशन (Valuation) के लिहाज से भी कुछ चिंताएं हैं। फरवरी 2026 के अंत तक Maruti Suzuki का P/E रेशियो लगभग 31.7-32.10 था, जो ऑटो इंडस्ट्री के औसत 21.6 से काफी ऊपर है। Tata Motors का P/E रेशियो भी करीब 31.72 है। 23 फरवरी 2026 को Tata Motors Passenger Vehicles Ltd. के लिए MarketsMojo ने 'Sell' रेटिंग दी थी, जो कंपनी की क्वालिटी, वैल्यूएशन और लगातार घाटे को लेकर चिंताएं दर्शाती है। Tata Motors को अपने JLR डिविजन के वैश्विक चुनौतियों और बढ़ती कमोडिटी कॉस्ट के कारण मार्जिन पर दबाव का सामना भी करना पड़ सकता है।
भविष्य का नज़रिया
इंडस्ट्री के एग्जीक्यूटिव्स का मानना है कि फरवरी का प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन आने वाले महीनों में ग्रोथ की असली तस्वीर साफ होगी। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए इंडस्ट्री ग्रोथ का अनुमान 3% से 6% के बीच है, जिसमें पैसेंजर व्हीकल्स के 4% से 6% बढ़ने की उम्मीद है। EV की बढ़ती पैठ और नए टेक्नोलॉजी की तरफ कंज्यूमर का रुझान भविष्य में ऑटो सेक्टर के लिए बड़े बूस्ट का काम करेंगे।