रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड: ऑटो सेक्टर की धमाकेदार शुरुआत
फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) के पहले महीने, यानी अप्रैल, में भारतीय ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस दौरान कुल 26.11 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई, जो पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 12.94% की शानदार बढ़ोतरी है। छह प्रमुख वाहन कैटेगरी में से पांच ने अप्रैल के लिए अपना अब तक का सबसे बड़ा बिक्री आंकड़ा दर्ज किया है। टू-व्हीलर सेगमेंट में 19.16 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई, जिसमें 13.01% की ईयर-ऑन-ईयर बढ़ोतरी दर्ज की गई। पैसेंजर व्हीकल्स ने भी अपना बेस्ट-एवर अप्रैल दर्ज किया, जहां 4.07 लाख यूनिट्स बिकीं (12.11% की बढ़ोतरी)। वहीं, कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी 99,339 यूनिट्स की बिक्री के साथ 15.02% की मजबूत ग्रोथ देखी गई। मार्च के मुकाबले बिक्री में 3.01% की मामूली गिरावट को आम तौर पर फाइनेंशियल ईयर खत्म होने के बाद होने वाले एडजस्टमेंट के तौर पर देखा जा रहा है, न कि मांग में कमजोरी के संकेत के तौर पर।
ग्रामीण मांग का जलवा: शहरों को पीछे छोड़ा
इस बार के नतीजों में ग्रामीण इलाकों का दबदबा साफ दिखा। कई सेगमेंट्स में ग्रामीण बाजारों ने शहरी इलाकों को काफी पीछे छोड़ दिया। पैसेंजर व्हीकल रिटेल में ग्रामीण इलाकों में 20.4% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो शहरी इलाकों की 7.11% की ग्रोथ से दोगुनी से भी ज्यादा है। इसी तरह, कमर्शियल व्हीकल रिटेल में भी ग्रामीण क्षेत्रों में 20.25% की मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 10.22% रही। यह ट्रेंड कैलेंडर ईयर 2025 से ही जारी है, जहाँ ग्रामीण बाजार पैसेंजर व्हीकल बिक्री में लगातार शहरों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसकी वजहें हैं - शादी-ब्याह के सीजन की लगातार मांग, रबी फसल चक्र से मिली अच्छी नकदी, और GST लागू होने के बाद की पॉलिसी एडजस्टमेंट्स से मिली affordability में बढ़ोतरी।
EV के मोर्चे पर मिली-जुली तस्वीर
जहां एक ओर पूरा ऑटो सेक्टर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच रहा है, वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के मामले में तस्वीर थोड़ी मिली-जुली है। अप्रैल में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का मार्केट शेयर घटकर 7.76% रह गया, जो मार्च में 9.79% था। यह तब हुआ जब अप्रैल में कुल EV बिक्री अपने दूसरे सबसे ऊंचे मासिक स्तर पर पहुंची। इसके विपरीत, पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट में EV का शेयर थोड़ा बढ़कर 5.77% हो गया। वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स ने अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी और 60.39% का दबदबा कायम रखा। PV सेगमेंट में EV पेनिट्रेशन अप्रैल में लगभग 5.8% रहा। JSW MG Motor 82.6% की लीड के साथ सबसे आगे है, जबकि Hyundai और Kia जैसी बड़ी कंपनियों का EV पेनिट्रेशन अभी सीमित है।
ऐतिहासिक प्रदर्शन और प्रमुख कंपनियों का हाल
इस साल अप्रैल का प्रदर्शन पिछले सालों के मुकाबले काफी मजबूत रहा है। साल 2025 के अप्रैल में रिटेल बिक्री में सिर्फ 2.95% की बढ़ोतरी हुई थी, 2024 में 2.25% की और 2023 में तो पैसेंजर व्हीकल बिक्री में गिरावट ही आई थी। प्रमुख कंपनियों ने भी इस मजबूत शुरुआत का साथ दिया। Maruti Suzuki ने 33.29% की बढ़ोतरी के साथ 2,39,646 यूनिट्स की कुल बिक्री दर्ज की। Bajaj Auto की कुल बिक्री 40.4% बढ़कर 5,13,792 यूनिट्स हो गई, और Tata Motors की पैसेंजर व्हीकल बिक्री 31.1% बढ़कर 59,701 यूनिट्स पर पहुंच गई।
चुनौतियां और धीमी पड़ती सेगमेंट्स
रिकॉर्ड बिक्री के बावजूद, कुछ चिंताएं भी हैं जो भविष्य की ग्रोथ को धीमा कर सकती हैं। 2026 में अल नीनो के कारण सामान्य से कम मॉनसून का अनुमान कृषि, ग्रामीण आय और वाहन मांग के लिए बड़ा जोखिम पैदा कर सकता है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और हीटवेव का अनुमान भी लोगों की वित्तीय स्थिति और खेती की उत्पादकता पर असर डाल सकता है। कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर एकमात्र ऐसा सेगमेंट रहा जहां 2.25% की गिरावट आई, जो औद्योगिक गतिविधि में नरमी का संकेत देता है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि FY27 में सेक्टर की ग्रोथ धीमी पड़ सकती है, जिसमें ICRA ने टू-व्हीलर्स और पैसेंजर व्हीकल्स के लिए मजबूत FY26 के बाद 3-5% की ग्रोथ का अनुमान लगाया है। टू-व्हीलर्स में EV की धीमी रफ्तार और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट में गिरावट बताती है कि अप्रैल की मजबूत बिक्री सभी उप-सेक्टर्स में एक समान नहीं रही।
आगे की राह और स्ट्रक्चरल बदलाव
आगे देखें तो, मई में भी आधे से ज्यादा डीलर्स ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद कर रहे हैं, जिसका मुख्य कारण शादी-ब्याह का सीजन और कमर्शियल व्हीकल्स की रिप्लेसमेंट डिमांड है। एनालिस्ट्स FY27 में ग्रोथ में धीरे-धीरे नरमी आने की उम्मीद कर रहे हैं, जिसमें इंडस्ट्री की कुल वॉल्यूम 3-6% के बीच रहने का अनुमान है। टू-व्हीलर्स में EV के शेयर में अल्पकालिक नरमी के बावजूद, प्रीमियम化 (premiumisation) और अल्टरनेटिव पावरट्रेन (EVs, CNG) की ओर बढ़ता झुकाव जैसे स्ट्रक्चरल बदलाव सेक्टर के मीडियम-टर्म भविष्य को बढ़ावा देते रहेंगे।
