भारत के ऑटो सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अगस्त 2026 में पहली बार CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों ने पेट्रोल गाड़ियों को पछाड़ते हुए कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में **42%** की हिस्सेदारी हासिल की है। वहीं, कुल रिटेल सेल्स **17.51%** बढ़कर **24.2 लाख** यूनिट्स के पार पहुंच गई है।
अगस्त 2026 का महीना भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ है। पहली बार वैकल्पिक ईंधन यानी अल्टरनेटिव फ्यूल (CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक) से चलने वाली गाड़ियों की बिक्री ने पेट्रोल कारों को पीछे छोड़ दिया है। मार्केट में इन वाहनों की हिस्सेदारी 42% रही, जबकि पेट्रोल गाड़ियां 41% पर सिमट गईं।
सेल्स के आंकड़े और मानसून का असर
देशभर में कुल ऑटो रिटेल सेल्स 24.2 लाख यूनिट्स रही, जो पिछले साल की तुलना में 17.51% अधिक है। हालांकि, जुलाई के मुकाबले सेल्स में 6.48% की गिरावट आई है, जिसका मुख्य कारण मानसून और गणेश चतुर्थी जैसे बड़े त्योहारों का सितंबर में शिफ्ट होना माना जा रहा है। अब मार्केट फेस्टिव सीजन की तैयारी में जुटा है।
इस बदलाव की बड़ी वजह रनिंग कॉस्ट को कम करने की उपभोक्ता की चाहत है। साथ ही, E20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर भी लोगों में संशय है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में 52% की सालाना बढ़त देखी गई है, जिसकी कुल बिक्री 30,700 यूनिट्स से ज्यादा रही।
सेगमेंट लीडर्स और ग्रामीण रफ्तार
टेक्नोलॉजी के हिसाब से बाजार में अलग-अलग कंपनियों का दबदबा है। इलेक्ट्रिक सेगमेंट में Tata Motors की हिस्सेदारी करीब 43% है, जबकि CNG सेगमेंट में Maruti Suzuki 71% मार्केट शेयर के साथ सबसे आगे है।
ग्रामीण इलाकों से आई मांग ने इस ग्रोथ में 'इंजन' का काम किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 25% का जबरदस्त उछाल आया है, जो शहरों की 11% ग्रोथ के मुकाबले कहीं ज्यादा है। आने वाले त्योहारों के दौरान निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनियां बढ़ती मांग के बीच इन्वेंट्री को कैसे मैनेज करती हैं और ग्रामीण मांग कितनी बरकरार रहती है।
