अक्टूबर 2026 में भारत में कुल 31.7 लाख वाहनों की रिटेल बिक्री हुई है। साल-दर-साल बिक्री में **23.8%** की गिरावट जरूर दिख रही है, लेकिन इसकी मुख्य वजह त्योहारों का नवंबर में शिफ्ट होना है। कमर्शियल और इलेक्ट्रिक वाहनों ने नया रिकॉर्ड बनाया है।
भारत के ऑटो सेक्टर ने अक्टूबर 2026 में कुल 3,172,466 यूनिट्स की रिटेल बिक्री दर्ज की। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 23.8% की गिरावट फेस्टिव कैलेंडर के शिफ्ट होने का परिणाम है। पिछले साल दिवाली और नवरात्रि जल्दी आ गए थे, जबकि इस साल मुख्य खरीदारी का दौर नवंबर में शिफ्ट हो गया। दिलचस्प बात यह है कि सितंबर 2026 के मुकाबले अक्टूबर की परफॉर्मेंस में 25.05% का जबरदस्त उछाल आया है, जो यह बताता है कि कंज्यूमर डिमांड अभी भी मजबूत है।
सेक्टर का हाल और EV की धाक
अलग-अलग सेगमेंट में परफॉर्मेंस काफी शानदार रही है। कमर्शियल व्हीकल्स, थ्री-व्हीलर्स और ट्रैक्टर ने अपना अब तक का बेस्ट अक्टूबर महीना दर्ज किया है। हैवी कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में 28.95% की बढ़ोतरी दिखी है। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेगमेंट में 355,000 यूनिट्स की बिक्री के साथ एक बड़ा माइलस्टोन हासिल हुआ है। अब कुल मार्केट रिटेल में EV की हिस्सेदारी बढ़कर 11.5% हो गई है।
पैसेंजर व्हीकल पर इन्वेंट्री का दबाव
जहां कमर्शियल और EV सेगमेंट चमक रहे हैं, वहीं पैसेंजर व्हीकल डीलर्स के लिए इन्वेंट्री एक चुनौती बनी हुई है। फिलहाल डीलर्स के पास 43 से 45 दिन का स्टॉक मौजूद है। निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि ज्यादा इन्वेंट्री के कारण डीलर्स को स्टॉक क्लियर करने के लिए भारी डिस्काउंट देना पड़ सकता है, जिससे उनके मार्जिन पर असर पड़ेगा। अगर नवंबर में डिमांड उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, तो मैन्युफैक्चरर्स को होलसेल शिपमेंट कम करनी पड़ सकती है, जिसका असर कंपनियों के रेवेन्यू पर पड़ सकता है। फिलहाल 51% से ज्यादा ऑटो डीलर्स नवंबर की सेल्स को लेकर सकारात्मक हैं।
