भारत का ऑटो सेक्टर: EV का दबदबा जारी, पुरानी गाड़ियों की बिक्री में भारी गिरावट!

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AuthorMehul Desai|Published at:
भारत का ऑटो सेक्टर: EV का दबदबा जारी, पुरानी गाड़ियों की बिक्री में भारी गिरावट!
Overview

अप्रैल में भारत के पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट में रजिस्ट्रेशन **10.2%** गिरकर **3,98,146** यूनिट्स पर आ गईं, जो साल के अंत के बाद मांग में आई नरमी का संकेत है। हालांकि, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) ने बड़ी मजबूती दिखाई, जिनकी बिक्री में सिर्फ **1.8%** की गिरावट आई, और उनका मार्केट शेयर रिकॉर्ड **5.7%** तक पहुंच गया।

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यह साफ दिखाता है कि ऑटो इंडस्ट्री में एक बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव आ रहा है। जहां इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) गाड़ियों की बिक्री में तेज गिरावट दर्ज की गई, वहीं EVs की मांग में आई मामूली कमी ने उनके मार्केट शेयर को नई ऊंचाई दी। मारुति सुजुकी की बिक्री में करीब 10% की कमी आई, जबकि टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 14% से अधिक गिरी। कुल मार्केट में मारुति सुजुकी का दबदबा कायम है, जिसने 1,58,223 यूनिट्स बेचकर लगभग 40% मार्केट शेयर पर कब्जा बनाए रखा।

बाजार का यह दबाव शेयर मार्केट में भी नजर आया। मारुति सुजुकी के शेयर पिछले छह महीनों में 21% गिर चुके हैं और यह अपने जनवरी के हाई से करीब 20% नीचे है। टाटा मोटर्स का शेयर भी अपने 52-हफ्ते के हाई से लगभग 19% नीचे है। वहीं, विनफास्ट (VinFast) जैसी नई कंपनियां तेजी से अपनी पैठ बना रही हैं। विनफास्ट की रजिस्ट्रेशन में 67% का मंथ-ऑन-मंथ उछाल आया और यह 1,231 यूनिट्स तक पहुंच गई, जिससे यह EV रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज हो गई। विनफास्ट 2026 तक कम से कम 3,00,000 EVs डिलीवर करने की योजना बना रही है। EV सेगमेंट में टाटा मोटर्स 37.5% शेयर के साथ लीड कर रही है, जिसके बाद महिंद्रा एंड महिंद्रा (23.8%) और एमजी मोटर (MG Motor) (21.9%) हैं।

हालांकि, इस सेक्टर में तेजी के बावजूद कई जोखिम मंडरा रहे हैं। पुरानी कंपनियों के लिए ICE बिक्री में गिरावट उनके प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल रही है, खासकर बढ़ी हुई इनपुट कॉस्ट (input costs) के साथ। नई कंपनियों जैसे विनफास्ट के लिए वित्तीय अस्थिरता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। विनफास्ट को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और 2027 तक प्रॉफिट की उम्मीद नहीं है। EV की ग्रोथ सरकारी नीतियों, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्राहकों की कीमत संवेदनशीलता पर भी निर्भर करेगी, जो भविष्य में बाधाएं खड़ी कर सकती हैं।

इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे मार्केट एडजस्ट करेगा, कुल डिमांड में नरमी देखने को मिल सकती है। लेकिन बढ़ती फ्यूल प्राइस और नए मॉडल्स की उपलब्धता के कारण EV पेनिट्रेशन का यह लगातार बढ़ता ट्रेंड एक स्ट्रक्चरल बदलाव का संकेत दे रहा है। मारुति सुजुकी के लिए एनालिस्ट्स 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जिसमें 20% से ज्यादा की तेजी की उम्मीद है और टारगेट प्राइस ₹16,085 रखा है। वहीं, विनफास्ट को 'मॉडरेट बाय' रेटिंग मिली है, जिसमें 43.3% की तेजी का अनुमान है और प्राइस टारगेट $5.83 है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.