India Auto Exports: टू-व्हीलर की धूम से अगस्त में ऑटो एक्सपोर्ट **22%** बढ़ा

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AuthorMehul Desai|Published at:
India Auto Exports: टू-व्हीलर की धूम से अगस्त में ऑटो एक्सपोर्ट **22%** बढ़ा

अगस्त 2026 में भारत का ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट सालाना आधार पर **22.2%** बढ़कर **6,81,338** यूनिट्स पर पहुंच गया है। इस तेजी की मुख्य वजह टू-व्हीलर की मजबूत मांग रही है, हालांकि पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में **17%** की गिरावट दर्ज की गई है।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय ऑटो एक्सपोर्ट सेक्टर ने अगस्त 2026 में जबरदस्त रिकवरी दिखाई है। यह उछाल मुख्य रूप से टू-व्हीलर सेगमेंट की बदौलत है, जिसकी ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट्स में भारी मांग बनी हुई है।\n\n### टू-व्हीलर का जलवा\nटू-व्हीलर एक्सपोर्ट में 28.5% का उछाल आया है और यह बढ़कर 5,55,292 यूनिट्स हो गया है। इसमें मोटरसाइकिल का योगदान सबसे अधिक रहा, जिसके एक्सपोर्ट में 33.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि स्कूटर शिपमेंट्स 5.1% बढ़े हैं।\n\n### पैसेंजर व्हीकल के सामने चुनौतियां\nटू-व्हीलर की सफलता के उलट, पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस कैटेगरी में एक्सपोर्ट 17% गिरकर 68,230 यूनिट्स पर आ गया है। खासकर पैसेंजर कारों के एक्सपोर्ट में 51.5% की बड़ी गिरावट देखी गई है। जियो-पॉलिटिकल तनाव और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी बाधाएं इसकी प्रमुख वजह हैं। ध्यान रहे कि SIAM के इन आंकड़ों में टाटा मोटर्स, बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज-बेंज, जगुआर लैंड रोवर और वोल्वो जैसे बड़े नाम शामिल नहीं हैं।\n\n### SUV एक्सपोर्ट: नई उम्मीद\nपैसेंजर कारों की कमजोरी के बीच, यूटिलिटी व्हीकल्स (UV) एक नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2027 की अप्रैल-अगस्त अवधि के दौरान UV एक्सपोर्ट लगभग 23% बढ़कर 2,03,000 यूनिट्स के करीब पहुंच गया है। ग्लोबल मार्केट में भारतीय कॉम्पैक्ट SUVs की बढ़ती मांग यह संकेत देती है कि कंपनियां धीरे-धीरे अपने प्रोडक्शन को अधिक वैल्यू वाले मॉडल्स की तरफ शिफ्ट कर रही हैं।\n\nनिवेशकों के लिए यह एक अहम ट्रेंड है। मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और हुंडई इंडिया जैसी कंपनियां, जिनका SUV पोर्टफोलियो मजबूत है, वे छोटी कारों पर निर्भर कंपनियों के मुकाबले बेहतर स्थिति में हो सकती हैं। आने वाले महीनों में देखना होगा कि क्या लॉजिस्टिक्स की स्थिति सुधरने से पैसेंजर कारों की मांग वापस लौटती है और क्या SUV का यह मोमेंटम मार्जिन को स्थिर रख पाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.