EV मार्केट में तूफानी उछाल! IESA ने सरकार से की बैटरी इंसेंटिव्स तेज करने की मांग

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AuthorNeha Patil|Published at:
EV मार्केट में तूफानी उछाल! IESA ने सरकार से की बैटरी इंसेंटिव्स तेज करने की मांग

वर्ल्ड EV डे के मौके पर India Energy Storage Alliance (IESA) ने सरकार को सचेत किया है। जुलाई 2026 में **3,27,901** यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री के बाद अब इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से अपग्रेड करने की सख्त जरूरत है।

सेल्स में बंपर उछाल और इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौती

भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। जुलाई 2026 में EV की बिक्री 3,27,901 यूनिट्स के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 66% अधिक है। हालांकि, यह ग्रोथ जितनी शानदार है, उतनी ही चुनौतियां भी खड़ी कर रही है। IESA के अनुसार, साल 2035-36 तक रिन्यूएबल एनर्जी और बढ़ते EV फ्लीट को सपोर्ट करने के लिए 888 GWh की स्टोरेज क्षमता की जरूरत होगी।

लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

फिलहाल, भारत का बैटरी और स्टोरेज सेक्टर काफी हद तक आयातित (Imported) तकनीक पर निर्भर है। IESA अब सरकार से बैटरी कंपोनेंट्स जैसे कैथोड, एनोड और सेपरेटर के मैन्युफैक्चरिंग के लिए इंसेंटिव्स को प्राथमिकता देने की मांग कर रहा है। जानकारों का मानना है कि 'लोकलाइजेशन' के बिना ग्लोबल सप्लाई चेन में होने वाली हलचल भारतीय कंपनियों और ग्राहकों के लिए लागत बढ़ा सकती है।

ग्रिड स्टेबिलिटी का पेंच

बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की क्षमता दिसंबर 2025 के 0.78 GWh से बढ़कर जून 2026 तक 8.7 GWh हो गई है, लेकिन यह लक्ष्य काफी बड़ा है। बढ़ते EV लोड को मैनेज करने के लिए स्मार्ट ग्रिड अपग्रेड अनिवार्य हैं, ताकि अचानक बिजली की मांग बढ़ने पर ग्रिड की स्थिरता प्रभावित न हो।

निवेशकों के लिए चेतावनी

सेक्टर में कई चुनौतियां भी बरकरार हैं:

  • प्राइस वॉर: बड़े प्रोजेक्ट्स में तीखी प्रतिस्पर्धा से कई दिग्गज खिलाड़ी पीछे हट रहे हैं।
  • ग्रिड गैप: रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता तो बढ़ रही है, लेकिन ग्रिड इंटीग्रेशन और टेक्नोलॉजी अडॉप्शन की रफ्तार धीमी है।
  • कॉस्ट प्रेशर: कच्चे माल की ऊंची कीमत और आयातित घटकों की अधिकता प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव डाल रही है।

निवेशकों की नजरें अब सरकार द्वारा घोषित होने वाले नए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव्स और BESS टेंडर गाइडलाइन्स पर टिकी हैं, जो इस सेक्टर की ग्रोथ को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.