Hyundai Motor Group ने भारत में साल 2032 तक **$15.5 बिलियन** (करीब **₹1.3 लाख करोड़**) का निवेश करने का ऐलान किया है। कंपनी की योजना अपनी प्रोडक्शन क्षमता को **1.14 मिलियन** यूनिट्स तक ले जाने की है, ताकि वह भारत की दूसरी सबसे बड़ी ऑटोमेकर के रूप में अपनी स्थिति फिर से मजबूत कर सके।
पुणे प्लांट से बढ़ेगी रफ्तार
इस बड़ी योजना का मुख्य केंद्र पुणे का तलेगांव (Talegaon) प्लांट है। हुंडई ने इस साइट के लिए ₹11,000 करोड़ अलग रखे हैं, ताकि साल 2030 तक सालाना 320,000 गाड़ियां तैयार की जा सकें। कंपनी का लक्ष्य अपने वाहनों में घरेलू पुर्जों (Local Content) के इस्तेमाल को 83% से बढ़ाकर 92% तक ले जाने का है। इस निवेश से कंपनी कुल 26 नए मॉडल बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है, जिसमें ट्रेडिशनल इंजन और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी दोनों शामिल हैं।
कड़ी चुनौती और रणनीति
भारतीय ऑटो मार्केट में Tata Motors और Mahindra & Mahindra की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच हुंडई ने डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दांव लगाया है। कुल निवेश का 20% हिस्सा रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) के लिए रखा गया है, ताकि कंपनी बदलती टेक्नोलॉजी के साथ तालमेल बिठा सके।
निवेशकों के लिए जरूरी आंकड़े
हालांकि निवेश की खबर उत्साहजनक है, लेकिन Q1 2027 के नतीजों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कंपनी का EBITDA मार्जिन 9.3% रहा, जो उसके 11-14% के गाइडेंस से काफी कम है। बढ़ती कमोडिटी कॉस्ट और सप्लाई चेन की दिक्कतों ने मुनाफे पर दबाव बनाया है। अब मार्केट की नजर इस बात पर है कि भारी कैपिटल खर्च के बावजूद कंपनी अपने कैश फ्लो और मार्जिन को कैसे मैनेज करती है।
