हुंडई मोटर इंडिया के शेयरों में आज शानदार तेजी देखने को मिली। कंपनी ने वितीय वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए **8%** से **10%** की घरेलू वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान बरकरार रखा है, जिसके चलते शेयर **9%** चढ़कर **₹2,208.90** पर पहुंच गए।
ग्रोथ की राह पर हुंडई
शुक्रवार को हुंडई मोटर इंडिया के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 9% की छलांग लगाकर ₹2,208.90 के स्तर पर पहुंच गए। यह उछाल तब आया है जब कंपनी ने वितीय वर्ष 2026-27 के लिए अपने वॉल्यूम ग्रोथ के अनुमान को 8% से 10% तक बनाए रखा है। यह आउटलुक पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजों से थोड़ा अलग है, जिसमें कंपनी को ऑपरेशनल दबाव का सामना करना पड़ा था।
नई लॉन्च और प्रोडक्शन प्लान
अपने ग्रोथ लक्ष्यों को हासिल करने के लिए, हुंडई अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो पर ज़ोर दे रही है। कंपनी चालू वितीय वर्ष की दूसरी छमाही में दो नई गाड़ियां लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिसमें एक मिड-साइज़ इंटरनल कम्बशन इंजन SUV और एक इलेक्ट्रिक SUV शामिल है। इसके अलावा, पुणे स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में वेन्यू (Venue) मॉडल के प्रोडक्शन का तीसरा फेज भी शुरू होगा, जिससे कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की उम्मीद कर रही है। मैनेजमेंट ने EBITDA मार्जिन 11% से 14% के बीच रखने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए वे बाजार में बेहतर मांग की उम्मीद कर रहे हैं।
ऑटो सेक्टर में जोश
ऑटो सेक्टर में भी सकारात्मक माहौल देखा गया, BSE ऑटो इंडेक्स 2% ऊपर चढ़ा। अन्य प्रमुख कार निर्माता कंपनियों ने भी अपने भविष्य के लिए आशावादी दृष्टिकोण पेश किया है। महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) वितीय वर्ष 2027 में 10% SUV वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद कर रही है, हालांकि उसे कमोडिटी की कीमतों, खासकर स्टील और रबर की कीमतों से जूझना पड़ रहा है। वहीं, अशोक लीलैंड (Ashok Leyland) का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर एक्टिविटी और सरकारी बेड़े को बदलने की योजनाओं से हैवी कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट को सहारा मिल रहा है।
निवेशकों के लिए खास बातें
हालांकि कंपनी ने अपने अनुमानों को दोहराया है, लेकिन निवेशकों को कुछ प्रमुख बातों पर नज़र रखनी होगी। वास्तविक वॉल्यूम ग्रोथ त्योहारी सीजन के दौरान उपभोक्ता मांग और नई SUV की सफल लॉन्चिंग पर निर्भर करेगी। इसके अलावा, 11% से 14% के EBITDA मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और SUV सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच परखी जाएगी। पुणे प्लांट में प्रोडक्शन का बढ़ना और सितंबर तिमाही से उम्मीद के मुताबिक मांग में रिकवरी देखना शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
