Hyundai Motor India ने अपना पूरा ध्यान रूरल (ग्रामीण) मार्केट की ओर मोड़ लिया है। कंपनी का लक्ष्य अगले चार सालों में अपनी कुल बिक्री का **30%** हिस्सा छोटे शहरों और गांवों से हासिल करना है।
ग्रोथ का नया इंजन: रूरल इंडिया
कंपनी ने अपनी रणनीति में एक बड़ा बदलाव किया है। चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (Q1) में कंपनी की रूरल सेल्स में 23% का उछाल दर्ज किया गया, जबकि शहरी इलाकों में यह ग्रोथ केवल 2.8% रही। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और डिजिटल एक्सेस के चलते अब वहां के ग्राहक भी शहरी खरीदारों की तरह ही तेजी से गाड़ियाँ खरीद रहे हैं।
विस्तार की योजना (Expansion Plan)
इस 30% के टारगेट को पूरा करने के लिए कंपनी अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है। अब कंपनी के 60% नए शोरूम सीधे रूरल मार्केट्स में खोले जा रहे हैं। साथ ही, सर्विस सपोर्ट के लिए 100 से ज्यादा मोबाइल वैन का बेड़ा तैनात किया गया है, ताकि दूर-दराज के ग्राहकों को परेशानी न हो।
फाइनेंशियल हेल्थ और चुनौतियां
कंपनी की सेल्स वॉल्यूम में दम दिख रहा है। अप्रैल से अगस्त 2026 की अवधि में कंपनी ने 247,980 गाड़ियाँ बेचीं, जो पिछले साल की तुलना में 12.6% अधिक हैं। पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹16,334.6 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट ₹888.62 करोड़ दर्ज किया गया।
हालांकि, राह आसान नहीं है। बढ़ती कॉम्पिटिशन के कारण मार्केट रैंकिंग में बदलाव का दबाव बना हुआ है। इसके अलावा, ग्लोबल लेवल पर शिपिंग वेसल्स की कमी और कच्चे माल (Raw Material) की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। फिलहाल कंपनी का फोकस 2030 तक 26 नए मॉडल्स लॉन्च करने पर है, जिसमें इलेक्ट्रिक SUVs पर खासा जोर दिया गया है।
