Hyundai Motor India ने अपनी मार्केट हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए नई SUVs लॉन्च करने और क्षमता विस्तार की योजना बनाई है। हालांकि, कंपनी को **35.1%** के नेट प्रॉफिट में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है और बढ़ते इनपुट कॉस्ट के चलते सितंबर **2026** से गाड़ियों की कीमतों में **1%** की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है।
मुनाफे पर दबाव और नई रणनीति
Q1 FY27 के नतीजों में कंपनी का नेट प्रॉफिट 35.1% गिरकर ₹889 करोड़ रहा है। कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन घटकर 9.3% पर आ गए हैं। कच्चे माल (Raw Materials) की बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए कंपनी ने सितंबर 2026 से अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में 1% तक का इजाफा करने का फैसला किया है।
आक्रामक विस्तार की तैयारी
मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी का बैलेंस शीट मजबूत और कर्ज-मुक्त (Debt-free) है। कंपनी का पूरा ध्यान अब हाई-ग्रोथ SUV और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट पर है। 2030 तक कंपनी 26 नए मॉडल्स लॉन्च करने की योजना बना रही है। अगस्त 2026 में कंपनी ने 54,396 यूनिट्स की घरेलू बिक्री दर्ज की है, जो पिछले साल के मुकाबले 23.6% अधिक है।
क्षमता विस्तार (Manufacturing Capacity)
कंपनी अपनी प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाने पर जोर दे रही है। पुणे प्लांट की क्षमता को 2030 तक 3 लाख यूनिट्स सालाना तक ले जाया जाएगा, जो चेन्नई प्लांट की 8.24 लाख यूनिट्स की मौजूदा क्षमता को और मजबूती देगा।
चुनौतियां और जोखिम
हालांकि कंपनी दूसरी सबसे बड़ी ऑटो कंपनी बनने की दौड़ में है, लेकिन Tata Motors और Mahindra से कड़ी टक्कर मिल रही है। वेस्ट एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन में बाधाएं एक्सपोर्ट ऑपरेशंस पर असर डाल सकती हैं। निवेशकों के लिए अब यह देखना सबसे अहम होगा कि त्योहारों के सीजन में नई SUVs की बिक्री कंपनी के मार्जिन को कितना रिकवर कर पाती है।
