Hyundai Motor India के शेयर में आज **2.01%** की बढ़त दर्ज की गई, शेयर **₹2,043.20** पर पहुंच गया। यह तेजी कंपनी के सालाना वित्तीय नतीजों के ऐलान के बाद आई है। हालांकि, कंपनी ने रेवेन्यू में ग्रोथ दिखाई है, लेकिन मार्च 2026 में समाप्त हुए साल के लिए नेट प्रॉफिट में थोड़ी गिरावट देखी गई। निवेशकों की नजर कंपनी के कम कर्ज और हालिया डिविडेंड (Dividend) की घोषणाओं पर है।
सालाना और तिमाही वित्तीय प्रदर्शन
मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में Hyundai Motor India (HMI) ने ₹70,763.33 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹69,192.89 करोड़ से ज्यादा है। लेकिन, रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद कंपनी के नेट प्रॉफिट पर थोड़ा दबाव देखा गया। पिछले साल की तुलना में नेट प्रॉफिट में करीब 3.7% की गिरावट आई है और यह ₹5,431.52 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹5,640.21 करोड़ था। नतीजतन, कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) भी गिरकर 66.85 पर आ गई, जो पिछले साल 69.41 थी।
हालांकि, हालिया तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो इसमें सुधार के संकेत मिल रहे हैं। मार्च 2026 की तिमाही में रेवेन्यू ₹18,916.15 करोड़ रहा, जो दिसंबर 2025 की तिमाही के ₹17,973.49 करोड़ से अधिक है। इसी तिमाही में नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹1,255.63 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही के ₹1,234.40 करोड़ से बेहतर है। प्रति शेयर आय (EPS) भी तिमाही-दर-तिमाही बढ़कर 15.45 हो गई, जो पहले 15.19 थी।
बैलेंस शीट की मजबूती और डिविडेंड पॉलिसी
शेयरधारकों के लिए कंपनी की वित्तीय सेहत एक अहम मुद्दा है। HMI का बैलेंस शीट काफी मजबूत है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो सिर्फ 0.05 है। इसका मतलब है कि कंपनी कर्ज पर बहुत कम निर्भर करती है। मार्च 2026 तक कंपनी का नेट कैश फ्लो ₹3,865 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹3,872 करोड़ के लगभग बराबर है। कंपनी की कुल संपत्ति बढ़कर ₹34,404 करोड़ हो गई है, जो पिछले साल ₹30,097 करोड़ थी।
हालांकि, इक्विटी पर रिटर्न (ROE) पिछले साल के 34.61% से घटकर 27.13% हो गया है, लेकिन कंपनी शेयरधारकों को डिविडेंड (Dividend) के जरिए पुरस्कृत कर रही है। 8 मई 2026 को कंपनी ने ₹21 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) घोषित किया है, जिसका रिकॉर्ड डेट अभी तय होना बाकी है। इससे पहले अगस्त 2025 में भी ₹21 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) दिया गया था।
आगे चलकर निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी अपनी रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखने के साथ-साथ अपने प्रॉफिट मार्जिन में सुधार कर पाती है या नहीं। कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन 10.38% दर्ज किए गए थे। कच्चे माल की लागत या बाजार प्रतिस्पर्धा के कारण मार्जिन में किसी भी बदलाव पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।
