Hyundai India की धांसू परफॉरमेंस! Creta ने रिकॉर्ड तोड़ा, Venue की डिमांड बम्पर, पर मार्जिन पर लगा झटका

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AuthorNeha Patil|Published at:
Hyundai India की धांसू परफॉरमेंस! Creta ने रिकॉर्ड तोड़ा, Venue की डिमांड बम्पर, पर मार्जिन पर लगा झटका
Overview

Hyundai Motor India Limited (HMIL) के लिए अच्छी खबर आई है। कंपनी ने अपनी लोकप्रिय SUVs Creta और Venue के दमदार सेल्स और बुकिंग नंबर्स पेश किए हैं। Q3 **फाइनेंशियल ईयर 2026** में HMIL ने **8%** बढ़कर **₹17,973.5 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया और नेट प्रॉफिट **6.3%** चढ़ा, हालांकि इनपुट कॉस्ट और प्लांट रैंप-अप के कारण मार्जिन पर थोड़ा दबाव दिखा।

SUVs का दबदबा जारी, पर मार्केट में बदले समीकरण

भारतीय पैसेंजर व्हीकल (PV) मार्केट में SUVs का जलवा लगातार बढ़ रहा है। सितंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच, कुल बिक्री में SUVs की हिस्सेदारी बढ़कर 56.5% हो गई, जो पिछले पीरियड के 53.8% से काफी ज्यादा है। इस ट्रेंड का फायदा उठाते हुए Hyundai की Creta SUV ने कैलेंडर ईयर 2025 में 2 लाख से ज्यादा की बिक्री का आंकड़ा पार कर अपने सेगमेंट में लीडरशिप मजबूत की है। वहीं, नए लॉन्च हुए Venue को भी करीब 80,000 बुकिंग्स मिली हैं, जो ग्राहकों के बीच इसकी पॉपुलैरिटी दिखाती हैं।

हालांकि, इन प्रोडक्ट सक्सेस के बावजूद, HMIL की ओवरऑल मार्केट पोजीशन में थोड़ी हलचल देखी गई। 2024 में दूसरी पोजीशन पर रहने वाली Hyundai, कैलेंडर ईयर 2025 में सेल्स वॉल्यूम के मामले में चौथे स्थान पर खिसक गई। Maruti Suzuki, Mahindra & Mahindra और Tata Motors इस दौड़ में आगे रहीं। Mahindra तो दूसरी पोजीशन पर आ गई है।

लागत का दबाव और मार्जिन पर सेंध

रेवेन्यू में ग्रोथ के बावजूद, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर थोड़ा दबाव रहा। Q3 फाइनेंशियल ईयर 2026 में HMIL का EBITDA मार्जिन 11.2% रहा, जो पिछले क्वार्टर के 13.9% से कम है। इस मार्जिन कंप्रेशन की मुख्य वजहें पुणे फैसिलिटी के रैंप-अप का बढ़ा हुआ प्रॉसेसिंग कॉस्ट, ज्यादा मार्केटिंग खर्च और कीमती धातुएं, एल्यूमीनियम व कॉपर जैसी कमोडिटी की बढ़ती कीमतें हैं।

कंपनी का Q3 फाइनेंशियल ईयर 2026 का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 6.3% बढ़कर ₹1,234.4 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि रेवेन्यू 8% बढ़कर ₹17,973.5 करोड़ रहा।

एक्सपोर्ट और रूरल डिमांड बने ग्रोथ के नए इंजन

डोमेस्टिक सेल्स के अलावा, HMIL का एक्सपोर्ट परफॉरमेंस भी एक अहम ग्रोथ फैक्टर साबित हुआ है। Q3 फाइनेंशियल ईयर 2026 में एक्सपोर्ट्स में 21% की जोरदार बढ़ोतरी हुई, जो कंपनी की कुल बिक्री का लगभग 25% हिस्सा रहा। वहीं, रूरल मार्केट्स (ग्रामीण क्षेत्र) ने भी कंपनी को जबर्दस्त सपोर्ट दिया, जिनका घरेलू बिक्री में योगदान रिकॉर्ड 24% तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का बदलते समीकरण और भविष्य की राह

भारतीय ऑटो इंडस्ट्री इस समय एक जटिल ग्लोबल और डोमेस्टिक माहौल से गुजर रही है। बढ़ती कमोडिटी की कीमतें, सप्लाई चेन की दिक्कतें और टैरिफ, इन्फ्लेशन व करेंसी की अस्थिरता के कारण 2026 में नई गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है। पारंपरिक 'चीप कार' सेगमेंट पर भी स्ट्रिक्ट सेफ्टी रेगुलेशन्स और मटेरियल कॉस्ट बढ़ने का दबाव है।

Hyundai अपनी भारतीय मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को लगातार बढ़ा रही है। नया Talegaon प्लांट सालाना कैपेसिटी को 10 लाख यूनिट से ऊपर ले जाने में मदद करेगा, जिससे कंपनी भविष्य की डिमांड के लिए तैयार हो सकेगी। कंपनी के MD और CEO तरुण गर्ग, मजबूत ऑर्डर बुक और सुधरते मार्केट कंडीशंस के हवाले से आगे भी ग्रोथ का भरोसा जता रहे हैं। हालांकि, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और इनपुट कॉस्ट को प्रभावी ढंग से मैनेज करना कंपनी के लिए एक सतत चुनौती रहेगी।

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