मार्जिन पर मार, प्रॉफिट में गिरावट
Hyundai Motor India का Q3 FY26 का नेट प्रॉफिट ₹1,234 करोड़ रहा, जो कि ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal की ₹1,380 करोड़ की उम्मीद से कम था। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह कंपनी के मार्जिन में आई कमी है। कच्चे माल (Raw Material) की कीमतों में करीब 15% की बढ़ोतरी और कर्मचारी खर्चों (Employee Expenses) में 15% से ज्यादा का इजाफा, खासकर नए लेबर कोड्स के चलते, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर भारी पड़ा। इसके साथ ही, प्रोडक्ट मिक्स (Product Mix) का एडवर्स होना भी एक कारण रहा, भले ही SUV सेगमेंट में कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया हो। कुल मिलाकर, कंपनी का कुल खर्च इस तिमाही में 8% बढ़ा। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) ने उम्मीद से थोड़ी बेहतर परफॉरमेंस दिखाई और साल-दर-साल (YoY) 8% बढ़कर ₹17,973 करोड़ हो गया।
मंदी के बावजूद ग्रोथ की राह पर कंपनी
तिमाही नतीजों में प्रॉफिट मिस होने के बावजूद, ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal का Hyundai Motor India पर भरोसा कायम है। कंपनी की ग्रोथ की राह मजबूत बनी रहने की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण कंपनी का मजबूत प्रोडक्ट पाइपलाइन (Product Pipeline) और SUVs की लगातार बढ़ती डिमांड है। Motilal Oswal ने आने वाले सालों के लिए वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया है, और अब FY25 से FY28 के बीच 7% की CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) की उम्मीद कर रहा है। कंपनी के एक्सपोर्ट वॉल्यूम (Export Volume) में भी भारी उछाल की संभावना है, जिसके FY28 तक 19% की CAGR से बढ़ने का अनुमान है। भारत में पॉपुलर SUVs पर कंपनी का फोकस इसे भारतीय ऑटो मार्केट में एक मजबूत खिलाड़ी बनाए रखता है।
ब्रोकरेज की राय और फ्यूचर प्लान
Motilal Oswal ने Hyundai Motor India पर अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए ₹2,567 का टारगेट प्राइस सेट किया है। यह टारगेट वैल्यूएशन, दिसंबर 2027 के अनुमानित अर्निंग पर शेयर (EPS) के 27 गुना पर आधारित है। निकट भविष्य में, कंपनी के नए पुणे प्लांट (Pune Plant) के स्टार्ट-अप कॉस्ट का असर दिख सकता है, जो भारत को एक एक्सपोर्ट हब के तौर पर और मजबूत करेगा। इस प्लांट से 2030 तक भारत की कुल एनुअल प्रोडक्शन कैपेसिटी 10 लाख गाड़ियों से ऊपर ले जाने की योजना है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि कंपनी FY25-28 के दौरान 12% की अर्निंग CAGR हासिल कर सकती है। भारतीय ऑटो इंडस्ट्री में रिकॉर्ड बिक्री देखी जा रही है, जो मांग में मजबूती का संकेत है। हालांकि, Maruti Suzuki और Tata Motors जैसे प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा है। जनवरी 2026 में Hyundai की डोमेस्टिक बिक्री 11.5% YoY बढ़ी, लेकिन मार्केट शेयर पर दबाव बना हुआ है। कंपनी का शेयर फिलहाल ₹2,197.90 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जिसका P/E रेश्यो करीब 31x और मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.78 लाख करोड़ है। मार्जिन की चिंताओं के बावजूद, निवेशक कंपनी के लॉन्ग-टर्म आउटलुक पर भरोसा दिखा रहे हैं।