लागत और प्रोडक्ट मिक्स बने प्रॉफिट गिरने की वजह
Hyundai Motor India लिमिटेड (HMIL) ने मार्च तिमाही के लिए ₹1,255.63 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹1,614.35 करोड़ की तुलना में 22.22% कम है। इस गिरावट की मुख्य वजह कच्चे माल (material costs) और अन्य खर्चों में हुई बढ़ोतरी बताई जा रही है। कंपनी के कुल खर्चों में भी ₹17,571.66 करोड़ तक का इजाफा हुआ, जो पिछले साल ₹15,974.46 करोड़ था।
मैनेजमेंट के अनुसार, 'अनफेवरेबल वॉल्यूम मिक्स' (unfavorable volume mix) भी एक बड़ा कारण रहा। इसका मतलब है कि कंपनी की सेल्स में सेडान (Sedans) और हैचबैक (Hatchbacks) जैसी कम मार्जिन वाली गाड़ियों की हिस्सेदारी बढ़ी, जबकि हाई-मार्जिन वाली SUVs की ग्रोथ धीमी रही। हालांकि, इन सबके बावजूद, कंपनी की कुल सेल्स वॉल्यूम 8.7% बढ़कर 2,08,275 यूनिट हो गई, जिसमें डोमेस्टिक सेल्स 8.5% और एक्सपोर्ट 9.4% बढ़े।
SUVs पर फोकस और बड़ा निवेश
बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, खासकर Mahindra & Mahindra और Tata Motors जैसी कंपनियों से, जिनका SUV सेगमेंट में दबदबा बढ़ रहा है, के मद्देनजर HMIL अपनी रणनीति बदल रहा है। कंपनी वित्तीय वर्ष 2027 में लगभग ₹7,500 करोड़ का भारी निवेश करने की योजना बना रही है, जो पिछले कई सालों में सबसे ज्यादा है। इस फंड का इस्तेमाल प्रोडक्शन कैपेसिटी (production capacity) बढ़ाने और नए प्रोडक्ट (new products) लॉन्च करने में किया जाएगा।
इस निवेश के जरिए कंपनी 2030 तक अपनी कुल कैपेसिटी को बढ़ाकर 1.14 मिलियन यूनिट करने का लक्ष्य रखती है। कंपनी FY27 में दो नए मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसमें एक मास-सेगमेंट इलेक्ट्रिक SUV (Electric SUV) भी शामिल है। इस कदम से कंपनी का लक्ष्य अपने प्रोडक्ट मिक्स को हाई-मार्जिन वाली यूटिलिटी व्हीकल्स की ओर शिफ्ट करना और मार्केट शेयर वापस पाना है। हाल ही में HMIL ने डोमेस्टिक पैसेंजर व्हीकल मार्केट में अपना दूसरा स्थान गंवा दिया था।
चुनौतियां और भविष्य का आउटलुक
कंपनी 'क्वालिटी ऑफ ग्रोथ' (Quality of Growth) की रणनीति पर काम कर रही है, लेकिन लागत का दबाव और प्रोडक्ट मिक्स का असंतुलन अभी भी चुनौतियां पेश कर रहा है। इस तिमाही में कच्चे माल की लागत के कारण मार्जिन पर 120-बेसिस-पॉइंट का असर पड़ा। वहीं, Competitors जैसे Mahindra & Mahindra अपनी SUV रणनीति से मार्केट शेयर बढ़ा रहे हैं।
FY27 के लिए, HMIL घरेलू बाजार में 8-10% वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है, जो नए प्रोडक्ट लॉन्च और रणनीतिक पहलों से प्रेरित होगी। कंपनी एक्सपोर्ट वॉल्यूम में भी इसी तरह की ग्रोथ की उम्मीद करती है। बोर्ड ने 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए प्रति शेयर ₹21 का डिविडेंड (Dividend) भी रेकमेंड किया है। पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट ₹5,431.52 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹5,640.21 करोड़ से थोड़ा कम है, जबकि रेवेन्यू बढ़कर ₹70,763.33 करोड़ हो गया।
